चूतो का समुंदर - Printable Version

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RE: चूतो का समुंदर - sexstories - 06-05-2017

ये कह कर आंटी मेरे सामने खड़ी हुई ऑर अपनी नाइटी निकाल दी….अंदर आंटी ने सिर्फ़ पैंटी ओर मॅचिंग टॉप पहना हुआ था …जो टॉप बिल्कुल आंटी के बूब्स तक ही था…


मैं-वाउ आंटी..आप ऐसे सोती हो…ये पहन कर…

आंटी- अरे नही बेटा..वो आज तेरे अंकल ने बोला है ना कि वेस्टर्न ड्रेस पहन सकती हूँ..तो पहन लिया..

मैं- पर आपके पास आई कहाँ से …

आंटी- वो तेरे अंकल ने दिलाया था बहुत पहले जब हम घूमने गये थे...पर घर आने के बाद कभी पहन ने ही नही दिया...

मैं- वाउ आंटी..अब तो आप खुश है ना...आप अपने मन की ड्रेस पहन सकती है...

आंटी- हाँ बेटा..ऑर ये सब तुम्हारी वजह से हुआ है…थॅंक यू बेटा…

मीयन- तब तो आज अंकल ने आपको चोदा होगा..क्यो..??

आंटी- क्या खाक चोदा बस खुंद ठंडे हो गये ऑर मुझे गरम छोड़ दिया…

मैं- कोई बात नही मैं हूँ ना..आपका ख्याल रखने…

आंटी- हाँ बेटा..तू ही मेरा ख्याल रखना हमेशा…

मैं- ओके आंटी..पर अब आप मेरा ख्याल तो करो…

आंटी- इसी लिए तो आई हूँ…तुम ही पीने मे बिज़ी हो…

मैं- ह्म्म..तो आज मैं एक नया ड्रिंक पीता हूँ….

आंटी- क्या..???

मैं- आप पैंटी निकाल दो फिर दिखाता हूँ…

मेरे कहते ही आंटी ने अपनी पैंटी निकाल फेकि ऑर मेरे सामने नंगी खड़ी हो गई…मैने सोफे पर बैठे हुए आंटी को अपने सामने किया ऑर अब उनकी चूत मेरे मुँह के जस्ट सामने आ गई….

मैने फिर विस्की की एक सीप मुँह मे भरी ओर आंटी की चूत मे मुँह लगा कर उस पर विस्की उगल दी और आंटी की चूत चाट ते हुए विस्की पीने लगा…

मैं- सस्ररुउउप्प..सस्ररुउउप्प..सस्ररुउउप्प्प्प..सस्ररुउउप्प

आंटी-आहह आहह..बेटा..तू तो..आहह

मैं-सस्ररुउपप..सस्ररुउपप..सस्ररुउउप्प्प..सस्ररुउपप

आंटी-आहह..बेटा…कहा से..आहह..सोचता है..आहह…

मैं-स्ररुउपप..आहह…सस्ररुउउप्प…सस्ररुउउप्प…

आंटी- आहह बेटा..छ्छूस्स..आहह..पी ले…आअहह

मैने बार-बार विस्की को मुँह से आंटी की चूत पर डालता ऑर चूस्ता रहा ...और आंटी खड़े-खड़े चूत चुसाइ का मज़ा लेते हुए सिसकती रही…


फिर मैने आंटी को पकड़ कर झुंका दिया और आंटी की गान्ड खुल कर मेरे सामने आ गई....

आंटी की गान्ड देखते ही मेरे मुँह मे पानी आ गया और मैने जल्दी से आंटी की गान्ड को चाटना शुरू कर दिया...

मैं- सस्स्र्र्ररुउउप्प...सस्स्रररुउउप्प

आंटी- ओह्ह बेटा आअहह...आअहह..चाट बेटा..आहह

मैं- सस्रररुउउप्प्प...सस्स्रररुउपप...

आंटी- ओह बेटा आअहह...अंदर डाल आहह

मैने- ह्म्म्मउ...उउंम्म...उउउम्म्म्म

मैने आंटी के बोलते ही मैने जीभ नुकीली कर के आंटी की गान्ड मे डाल दी....ऑर गान्ड को जीभ से चोदने लगा....

आंटी- ऊहह...म्म्माकआ....आअहह

मैं- उउंम...उउंम्म...सस्स्ररुउपप..सस्सूउपप

थोड़ी देर गान्ड चाट कर मैं रुक गया और मैने विस्की की लास्ट सीप को मुँह मे भर कर आंटी की चूत को खोला ऑर चूत मे ही विस्की थूक कर अपनी जीभ भी घूँसा दी…और जीभ को चूत मे अंदर डालके चूत चाटने लगा…

आंटी-आहह..आह..आ..ऊहह..म्मार.आ.आहह..बीतता…आअहह..

मैं-उउंम..सस्ररुउपप,उउंम्म..उउम्मह

आंटी-आहह..अंदर चूस आहह...बेटा…आहह…

मैं-उम्म्म…उउंम..उउंम्म

आंटी-आअहह..मैइयैईंन…आइईइ..अहहह….श..आऐ…बीताअ…आअहह

आंटी मेरे मुँह को चूत मे दवा कर झड़ने लगी.....

आंटी मेरे मुँह को चूत मे दवा कर झड़ने लगी और मैने आंटी का विस्की मिला हुआ चूत रस पीने लगा….


RE: चूतो का समुंदर - sexstories - 06-05-2017

जब मैने आंटी की चूत खाली कर दी तो आंटी को छोड़ दिया और आंटी भी मेरा सिर छोड़ कर मेरे बाजू मे बैठ गई…

मैं- क्या आंटी…इतनी जल्दी झड गई…

आंटी- अरे बेटा..आहह..बोला था ना कि तेरे अंकल ने गरम कर दिया ऑर सो गये…

मैं-हाँ..तो आप झड़ी नही थी क्या…

आंटी- अरे तेरे अंकल की चुदाई मे अब झड़ती ही नही…इसी लिए

मैं- ह्म्म्मे..अब खुश हो ना..

आंटी- हाँ बेटा…तेरे अंकल का लंड झड नही पाया ऑर तूने तो जीभ से ही झडा दिया…

मैं- ह्म्म..आपको खुश जो रखना है…

आंटी- तभी तो अब मैं तेरी हो गई…तू ही मुझे अच्छे से चोद बस…

मैं-ओके आंटी..पर आअज आपकी गान्ड मारने का मन है…

आंटी- मेरा भी बेटा..उस दिन से गान्ड मे खुजली होने लगी...आज अच्छे से मिटा दे..

मैं- तो अब आप देखो ..आज मैं कैसे आपकी गान्ड फाड़ता हूँ,,,,

आंटी- फाड़ दे बेटा..जैसी मर्ज़ी चाहे फाड़…पूरी रात चोद बस…

मैं- पूरी रात …कोई आ गया तो..

आंटी- कोई नही आयगा..सब सोए हुए है…ऑर आता है तो आए..तू तो बस गान्ड फाड़ ..बाकी सब भाड़ मे जाने दे…

मैं- तो आजा मेरी रानी …

और मैने आंटी को अपनी गोद मे बैठा लिया ऑर हम जोश के साथ एक दूसरे के होंठ चूसने लगे,,,,,

आंटी नीचे से नंगी थी ऑर मैने आंटी का टॉप बूब्स के उपर कर के बूब्स दावाना शुरू कर दिया ऑर साथ मे हम होंठो की चुसाइ मे बिज़ी हो गये….

थोड़ी देर बाद हम अलग हुए ऑर मैने आंटी के बूब्स दबाते हुए बोला…

मैं- तो अब आप शुरू हो जाओ…और मैने आंटी की गान्ड पर थप्पड़ मार दिया…

आंटी- आह…ऐसे ही गान्ड फाड़ना…

आंटी मेरा इशारा समझ गई ऑर मेरी गोद से उतर कर मेरा अंडरवर उतारा….और कुतिया के पॉज़ मे आई ऑर मेरी टांगे फैला कर लंड को मुँह मे भर के चूसने लगी…

आज आंटी तेज़ी के साथ मेरे लंड को चूस रही थी जैसे जन्मो की प्यासी हो..शायद कुछ दिन से चुदाई नही की इसलिए….

आंटी-सस्स्स्सुउउउप्प्प…ऊओंम्म….उउउंम्म….सस्स्रर्र्र्र्रप्प्प्प

मैं-आआहह…अओंती….क्कक्या चूस्ति हो….ऑर तेज,…हहाअ …ऐसे ही

आंटी-सस्स्स्र्र्ररुउउप्प्प…..ऊओंम्म….उउउंम्म…सस्स्रररुउउप्प

मैं-आअहह…..ऐसे ही….ओर तेज…मेरी रानी…आअहह…

आंटी-सस्रररुउुउउप्प्प्प्प्प….सस्स्स्र्र्ररुउुउउप्प्प…..उूुउउम्म्म्ममनममम….सस्स्र्र्ररुउउउप्प्प्प

मैं-आंटी …मज़ा आ गया…आअहह

थोड़ी देर की लंड चुसाइ मे मेरा लंड अपनी औकात पर आ गया और अब मैं आंटी की गान्ड को सहलाते हुए इशारा करने लगा की बस करो..अब गान्ड फाड्नी है….

आंटी भी मेरी बात समझ कर रुक गई और लंड को मुँह से निकाल के बोली….

आंटी- आहह ..कितने दिन बाद…मज़ा आ गया…

मैं- ह्म्म्म ..अब आओ…आपकी गान्ड की खुजली मिटा दूं…

आंटी मेरे कहते हुए कर मेरी गोद मे आई ओर अपनी गान्ड पर लंड सेट कर के बैठ गई...

आज आंटी पूरे जोश मे थी ....आंटी ने दो झटके मे ही मेरा पूरा लंड गान्ड मे घूँसा लिया ...

आंटी-आहह….उउउफफफ्फ़..म्माआ….

मैं- बड़ी जल्दी है ना…

आंटी-आहह…हाँ..बेटा…तू बस..गान्ड मार…ऐसे ही..आहह

मैने भी आंटी के कहते हूँ उनकी गान्ड को पकड़ा ऑर तेज़ी से दहक्ते मारते हुए उन्हे उपर नीचे उछालने लगा……ऑर गान्ड मारने लगा...

आंटी-आअहह….आआहह..ऊहह..माँ..

मैं-मज़ा आया

आंटी-आअहह…बहुत….मार बेटा…अहहह

आंटी बोल ही रही थी कि मैने लंड बाहर तक निकाल कर एक जोरदार झटका मारे ऑर आंटी की गान्ड मारने लगा…

आंटी-आआहह…..म्म्म्मा आररररर द्दददााालल्ल्ल्ल्ल्ल्लाआ

मैं-यीहह…ऑर तेज मारू,….हाँ..

आंटी-अया..आअहह..आहह…आहह..आहह…अहह

मैं-ययईएह….ययईईहह…यी…ल्ल्लीए…ऑर टीज़्ज..हा..

आंटी-ऊओ….म्म्माूआ…आआहह….अहहाा


RE: चूतो का समुंदर - sexstories - 06-05-2017

मैने पूरी स्पीड के साथ आंटी को उछाल कर गान्ड मार रहा था ऑर मैने आंटी का एक बूब मुँह मे भर लिया ऑर तेज़ी से आंटी को उछालने लगा….

आंटी-आहह…अहः…टीज़्जज्ज..ऊहह..माँ..

मैं- ये ले..साली…ऑर तीज्ज…हाँ..ऑर ले..

थोड़ी देर बाद मैने आंटी को उछालना बंद किया ऑर उन्हे गोद से उतार कर साइड मे लिटा दिया….

आंटी तुरंत ही कुतिया के पोज़ में आ गई और मैने देर ना करते हुए उनकी कमर पकड़ कर लंड गान्ड मे डाल दिया ऑर तेज़ी से गान्ड फाड़ने लगा…..

आंटी-आअहह….म्म्म्मगममाआअ

मैं-कम चिल्ला….मैं तो ऐसे ही फाडुन्गा

ओर मैने एक थप्पड़ आंटी की गान्ड पर मारा

आंटी-आआहह…..आआअहह…आह….मारूव..आहह..तेज

मैं- अरी....चिल्ला मत...कोई आ जायगा....ये ले...

आंटी-आआहह….हहाा…ज्ज्जूऊर्र…सससे…मारूव…आहह..ह

मैं आंटी की गान्ड पर थप्पड़ मारते हुए उनकी गान्ड मारने लगा ऑर आंटी भी अपने हाथ से अपनी चूत मसलने लगी.....

आंटी-आअहह….माअर…बेटा…मार…ज़ोर से…आहह... आअहह…बेटा…ज़ोर से…आअहह..ऊहह..ऊहह

त्ततप्प…त्तप्प्प…आअहह…आहह..त्त्थप्प…त्ततप्प्प्प

मैं-यस आंटी …फाड़ता हूँ …ये ले…

आंटी-आआहह..आहह..आह…आ..आह..आह..ज्जूओर्र..सससे..उउउम्म्म्ममम…हमम्म…आअहह

गान्ड मारते हुए मेरी जांघे भी आंटी की मोटी गान्ड पर थपका मार रही थी ऑर आंटी भी पूरी स्पीड से गान्ड पीछे कर-कर के मरवा रही थी….ऑर अपनी चूत मसल रही थी….

ऐसे ही कुछ देर मैं आंटी की गान्ड मारता रहा ऑर आंटी झड़ने लगी…..

आंटी-आअहह…अहहह..उउउंम…ऊहह..ऊहह..ऊहह..
ऊहह…ज्ज्ज्ूओर्र…सीई…बबबीएटत्त्ताआअ….आाऐययईईई….
उूउउंम्म…आहह…आहह…आह….

जब आंटी झड गई तो तक कर आगे झुंक गई …..तो मैने लंड निकाल के आंटी को सोफे पर लिटाया और साइड मे घुमा कर फिर से उनकी गान्ड मारने लगा….

मैं-आंटी…क्या गान्ड है..झड़ने के बाद गान्ड टाइट हो गई ऑर गान्ड ने पूरा लंड कस लिया…हाय्यी

आंटी-आअहह…बेटा..लंड…ही …मोटा….है…आअहह….तू….फ़ाआद्द्ड़…..डदीए..आअहह

मैं- लेटी रहो…मैं फाड़ता हूँ…

और मैने फुल स्पीड से आंटी की गान्ड मारना फिर शुरू कर दिया…..

मैं-आहह….थक गई साली...ये ले

आंटी-आअहह….हहाअ…म्माअर्ररूव…त्ट्तीएजज्ज़…ऊओ

मैं-ऑर तेज ये…ये ले…

आंटी-आअहह…म्माआ……आऐईयइ….हहाअ…ज्ज्ज्ूओर्र…
सस्ससे…बबबीएटत्त्ताअ…फ़ाआड़ द्दूव…उउउम्म्म्ममम

मैने भी थोड़ी देर बाद झड़ने के करीब आ गया..

मैं- ओह्ह..आंटी मैं आया….डाल दूं अंदर…

आंटी-आअहह…ब्ब्बबीएतत्टाअ…डाल दे…म्म्म्मममा……
ऊऊहह….बबबीएतत्टाअ…..भर दे….आअहह….आअहह

मैं-आहह..ये ले..अहहह..ह

और मैने आंटी की गान्ड को लंड रस से भरना शुरू कर दिया….जब मैं पूरा झड गया तो मैं भी सोफे के एक साइड मे टिक कर बैठ गया…

मेरे लेट ते ही आंटी उठी ऑर मेरे पैरो के बीच आकर मेरे लंड को चूसने लगी…

अब आंटी मस्ती से मेरे लंड को चूस्ति रही ओर तब तक चूसा जब तक कि लंड फिर से खड़ा नही हुआ…

मेरा लंड खड़ा होने के बाद आंटी तेज़ी से लंड को मुँह मे आगे- पीछे करने लगी और मैने भी मस्ती मे दोनो पैरो से आंटी को लप्पेट लिया…

मैं ये देख कर शॉक्ड था कि आंटी तो आज फुल जोश मे है…उन्होने 10-15 मिनिट लगातार मेरा लंड चूस कर खड़ा कर दिया था और अब मैं फिर से आंटी की गान्ड मारने को तैयार था…..

मैने आंटी को इशारा किया और आंटी तुरंत ही लंड को मुँह से निकाल कर मेरे लंड पर बैठने लगी…ऑर आंटी ने गुप्प से मेरे लंड को गान्ड मे डाल लिया ऑर धीरे-धीरे गान्ड घुमाने लगी…..

मैं- आहह आंटी आज आप को हुआ क्या है….

आंटी- पता नही बेटा…लगता है गान्ड की खुजली बढ़ गई है…हहहे…

मैं- हँसो मत आंटी…पूनम दी बाजू वाले कमरे मे ही है…

आंटी- ओह हाँ….सही कहा….

मैं- वैसे आप कर क्या रही है..थक गई क्या…

आंटी- ताकि तो नही…बस गान्ड से तेरे लंड को मसाज दे रही हूँ…

मैं-ह्म्म्मि…करो-करो..आज आप अपने मन की करो…..

आंटी फिर अपनी गान्ड मे लंड भरे हुए गान्ड को घुमाने लगी और हम बाते करने लगे…

आंटी- आहह..बेटा तेरा लंड तो मुझे पागल ही कर देगा…

मैं- क्यो आंटी….

आंटी- क्या बताऊ…जब से तेरा लंड खाया है…तो मेरी प्यास बढ़ सी गई है…

मैं- तब तो ये मेरे लिए अच्छा है आंटी…आपकी प्यास भुजाने मे मज़ा ही मज़ा है….

आंटी- वो तो ठीक है पर तेरे अंकल का क्या…???

मैं- अंकल…उनको क्या हुआ…

आंटी- अब उनका लंड लेने का बिल्कुल मन नही होता…आअहह…

मैने(आंटी को गान्ड सहला कर)- तो मत लिया करो…मैं हूँ ना आपके लिए…

आंटी- पर उन्हे मना नही कर पाती ना…ऑर मज़ा देना पड़ता है….

मैं- ह्म्म..तो आप उन्हे मज़ा दो…और मैं आपको…

आंटी- ह्म्म..यही करूँगी….


RE: चूतो का समुंदर - sexstories - 06-05-2017

हम थोड़ी देर तक ऐसे ही मस्ती करते हुए बाते करते रहे…पर अब मेरा कंट्रोल ख़त्म होने लगा था…

मैं-आंटी..बहुत हुआ अब आपकी गान्ड मारना है…बाते बाद में…बहुत मालिश हो चुकी…

आंटी- ठीक है बेटा ..तो मार ना…मैं खुंद मरावाती हूँ…रुक

और उसके बाद आंटी ने अपने आपको अड्जस्ट करके…पीछे सोफे पर हाथ टिका लिए ऑर मेरे लंड पर उछलते हुए गान्ड मरवाने लगी….

आंटी-आहह..आहह..अब खुश….

मैं-आहह आंटी…ज़ोर से….बहुत खुश हूँ…आहह

आंटी- आअहह…अब मार ले मन भर के….आअहह..अहहह

मैं-आहह..आप तेज़ी से उछलो…मज़ा आ रहा है..आहह

आंटी- ये ले बेटा..आहह..आहह…ओर ज़ोर से..आहह

मैं- हाअ ऐसे ही ….जंप…आंटी जंप..

आंटी-आहह..आह..आह..आह..अहूहह..ऊहह

मैं-आहह…ज़ोर से..आंटी…आह…ज़ोर से….

आंटी फुल स्पीड मे मेरे लंड को गान्ड मे ले कर उछल-उछल कर गान्ड मरवा रही थी और मैने आगे से एक हाथ की 2 उंगलिया आंटी की चूत मे डाल दी और चूत को उंगली से चोदने लगा…

आंटी-आहह…अच्छा,,किया…आहह..बेटा….डाल..उंगली..आहह

मैं- ये लो आंटी…आपकी चूत भी ज़रूरी है….है ना…

आंटी-आहह…हाँ..बेटा…तू कितना..आहह..ख्याल..करता है…चोद..आह..आ

मैं- आंटी…आपकी चूत ऑर गान्ड दोनो का ख्याल रखूँगा….

आंटी-आहह…..सच मे…आअहह..तो…मार…..मैंन्न..आइईइ….बेटा..आहह

मैं- कम आंटी कम …चूत रस पिलाओ….

आंटी-आहह…ऊहह…बेटा….पी ले…ये आऐ….आआहह…आहह

ऐसे ही आंटी झड़ने लगी और उनका चूत रस मेरे हाथ से होता हुए मेरी जाँघो पर जाने लगा…

आंटी झड़ने के बाद मेरे लंड पर ही बैठ गई…और मैने उंगली आंटी की चूत से निकाल कर मुँह मे भर ली…

मैं-आहह आंटी…मस्त टेस्ट है आपका तो….

आंटी- बेटा तेरे लिए ही है….पी जा…



मैं- आप भी चाखो थोड़ा…

और मैने उंगली को वापिस आंटी की चूत मे डाला और उंगली निकाल के आंटी के मुँह मे डाल दी..

आंटी-आहह…अच्छा है…..

मैं(हँसते हुए)- आज आपने अपनी चूत चख ही ली…

आंटी(मुस्कुरा कर)- आहा..बेटा, तू तो मेरी गान्ड भी चखा देगा मुझे…हहही…

मैं- ह्म्म..बाद मे..पर अभी आपकी गान्ड मारना बाकी है…

आंटी- तो रुक क्यो गया…मार ना…

मैं- अब आपको अपनी कुतिया बना कर मारूगा…

आंटी- मैने तो तेरी ही कुतिया हूँ….ये ले मार कुतिया की…

और आंटी आगे होकर कुतिया के पोज़ मे आ गई…और मैने भी जल्दी से लंड गान्ड मे डाल दिया ऑर आंटी का सिर नीचे झुंका कर उनकी गान्ड को रफ़्तार से मारने लगा…

आंटी- आहह..बेटा मार….ओह्ह….अहहह

मैं- आंटी…आज बहुत गरम हो ना..

आंटी-आहह..हाँ..बेटा….ठंडा...कर...आअहह

मैने आंटी की गान्ड मारते हुए उनके बूब को पकड़ कर ज़ोर से दबा दिया तो आंटी चीख पड़ी…

मैं- मज़ा आया..

आंटी- आह…ऐसा मत कर…आहह…किसी ने..आहह...सुन लिया तो…

मैं- सुन लेने दो…मैं हूँ ना…

आंटी-आहह..तो.ठीक…आहह..मार्र….ज्जोर्र..से…

मैं- ओक…अब चीखो…मैं देख लुगा..

आंटी-आहह….ओह्ह..माँ…..तो…मार…दम से..आहह

मैं आंटी को कस्के चोदने लगा ऑर साथ मे आंटी के बूब्स भी मसलने लगा…..मैं सोच रहा था कि शायद पूनम अपनी माँ की चीखे सुन ले …तो मज़ा आयगा…और इस घर की चूत मारने का प्लान आगे बढ़ेगा…

मैं- ले आंटी…चीख..मेरी कुतिया..अहह

आंटी-आहह…फाड़ ..दे…आअहह..कुतिया की…ओह्ह..बेटा…आहह…

मैं कुछ देर तक आंटी की गान्ड को ताबड़तोड़ मारता रहा ऑर उनके बूब्स भी मसलता रहा….आंटी इस दोहरे हमले से पूरी मस्त हो कर..ज़ोर से गान्ड पीछे करती हुई थपका मारती ऑर गान्ड मरवाती रही…

आंटी-आअहह…आहह…हहा…बेटा…ऐसे ही करो..आहह…
..आहहह…अहहह..यईएसस..सहहाः…ज्जॉर्र्र..ससी..आहहह…

फफफफात्तत्त…..प्प्पाट्त्ट…आहः..उउंम…हहूऊ…आअहह.ययईएसस…आऐईइईसीए हहीी…ययईसस…ज्जूओर्रर…ससीए…..तीज़्ज़ज्ज…हहाअ…उउउफफफ्फ़
एसस्सस्स…आअहह…आअहह…ययईईसस्स….ऊऊहह…आअहह

मैं- हाँ अंटी…ये लो….यीहह…यीहह…

आंटी- अहः..उउंम…बेटा…हहूऊ…आअहह….बेटा……आऐईइईसीए हहीी…ययईसस…ज्जूओर्रर…ससीए…..एसस्सस्स…आअहह…आहहहह…ऊओ…म्मा….ऊहह…ऊहह..ऊहह

थोड़ी देर बाद मैने आंटी का गला पकड़ कर उपर उठा लिया ऑर आंटी का गला पकड़ कर तेज़ी से चोदने लगा ……

आंटी- ऊहहमम्म्म…अहहह….मार..बेटा….कुतिया की तरह…आहह

मैं- हाँ..मेरी कुतिया…गले मे पट्टा बाँध के गान्ड मारूगा…

आंटी-आहह…वो भीयाअहह..कर लेना…आहह..आभीइ..बस..ज्जोर्र..सी…अहहह…म्म्माीर्र..

मैं- यीहह..ये ले…साली….मेरी…कुतिया…..ऑर तीज्ज्ज…हाअ…..ये ले….

आंटी-आहह..आ..आह..अम्मार….आईसीए..हिी..फ्फ़ादद..सी..आअहह..

आंटी की चीखे गला दबाने से और भी बढ़ गई थी….मुझे लगने लगा था कि अब तो पूनम ने सुन ही लिया होगा ऑर पारूल ने भी…वो दोनो बाजू के रूम मे ही थी…

मैं-ये..ले..आंटी…तेरी बेटी को चीखे सुना…

आंटी-आहह….आहह…हाँ..बेटा….सुन..लेगी..आह….वो..भीइ..आहह

मैं- ह्म्म..उसकी भी फाड़ दूं…

आंटी-आहह..आहह....हा...फाड़..देना..पर...मेरी..फाड़....ज्जोर्र..से..बेटा...ऑर तेजज्ज़


RE: चूतो का समुंदर - sexstories - 06-05-2017

आज पता नही आंटी किस मूड मे थी बिल्कुल रंडी की तरह चुद रही थी..ना किसी का डर था...ऑर चिल्ला भी ज़्यादा रही थी..

मैं-ये ले आंटी...तेरी चूत खाली मत छोड़...

आंटी-आहह..हाँ...अब्भिि...आहह

आंटी ने तुरंत ही अपनी 2 उंगली अपनी चूत मे डाल दी ऑर गान्ड को पीछे करते हुए अपनी चूत भी चोदने लगी...

मैं- यस…कुतिया…अब फटी ना..ये ले…

आंटी– आहह…ज़ोर सी….बेटा…फाआ,…आहह…दूओ..आहह….आहह

मैं- ये ले …ऑर ले…यीहह


आंटी- अहहह....आहह...आईसीई..हहीी...आहह......माअररर....माअररर...तीएज्ज्ज

और इस दमदार चुदाइ मे आंटी फिर से झड़ने लगी.....

आंटी-आअहह…आह...आहह...आह…म्मायन्न…आऐईइ…..बेटाअ....आ..आह...आऐईयईईईईई..

मैं-आअहह….ये ले …हाँ..आंटी...ऑर ले...

औंतयझड़ने लगी ऑर चुदाई की आवाज़ बदलने लगी

आअहह…..आहहहह..ब्बीतता…ऊहह…म्मा..आहह…त्ततुनूउप्प्प…कचूनूप्प्प…..ईएहहाअ…आहह…त्ततुनूउप्प्प…त्ततुनूउप्प्प…
.फ़फफूूककचह…फ़फफूूककच….ऊओ…ईीस्स…यईीसस…आअहह….आंटी….यी ली….ऊओ……फफफफकक्चाआप्प्प….त्त्त्तुउउप्प…आहह…आईईईई..बायेटया..

ऐसे ही आवाज़ो के साथ आंटी झड गई ऑर मैने आंटी का गला छोड़ कर लंड गान्ड से निकाल और आंटी को सोफे पर लिटा दिया…

मैं- आंटी अब मैं कहाँ निकालु…

आंटी-आज बेटा..आंटी के मुँह मे डाल दे…

आंटी ने लेते हुए अपने मुँह को मेरे साइड घुमा कर खोल दिया ऑर मैने लंड आंटी के मुँह मे डाल के आंटी का मुँह चोदना शुरू कर दिया… .

आंटी-उम्म.उउंम..उउंम.उउंम..उम्म..

मैं—आह…आंटी…तुम तो.आहह…रंडी बन गई..

आंटी-उम्म…उउंम.उउंम..उउंम..उम्म

मैं-आहह…मैं आ रहा हूँ….ज़ोर से…ये लो….

आंटी-उउंम्म..उउंम..उउंम्म…

और मैं आहें भरते हुए झड़ने लगा और आंटी मेरा लंड रस पीने लगी…

आंटी-उउंम..उउम्म्मह…उउंम्म..उउंम्म..उउंम्म.उम्म्म्मम

जब आंटी मेरा लंड रस पूरा पी गई तो उन्होने मेरे लंड को चूस-चूस कर साफ कर दिया ...



फिर लंड को मुँह से निकाल कर बोली…

आंटी-आहह..आज प्यास बुझी बेटा…अब मैं जाती हूँ…कही अंकल ना जाग जाय

मैने आंटी की गान्ड पर थप्पड़ मार कर बोला..अब थोड़ा रेस्ट कर ले…फिर चली जाना…

आंटी- तू कहे तो बिल्कुल नही जाती..बस कुछ बहाना बना दुगी…

मैं-अच्छा..कैसा बहाना…

आंटी- ह्म्म..कह दूगी कि तेरा सिर दर्द हो रहा था तो चली गई …फिर नीद लग गई तो सुबह ही खुली…ठीक है ना…

मैं- आंटी..इसकी ज़रूरत नही…बस थोड़ी देर बाद चली जाना…

आंटी- तो करना क्या है..ये बता..

मैं- आंटी मुझे आपके बूब्स चूस कर सोना है…मस्त नीद आयगी…

आंटी-ओह मेरा बेटा..आजा…दूध पिला के सुलाती हूँ…

मैं- बेड पर…

आंटी- ठीक है..मैं फ्रेश हो अओ..फिर अपने बेटे को दूध पिलाउन्गी…

मैं- ओके आंटी…मैं भी फ्रेश हो जाता हूँ…

इसके बाद मैं और आंटी फ्रेश होकर आय ऑर आंटी ने बेड पर लेट कर अपनी बाहें खोल कर कहा…

आंटी-आजा..बेटा..उम्म…आजा..तुझे दूध पिला दूं..

मैं तुरंत ही बेड पर आंटी के उपर लेट गया और उनके बूब्स को बारी-बारी मुँह मे भरके पीने लगा..ऑर फिर मैं एक बूब्स को मुँह मे भरके आँख बंद करके लेट गया और आंटी मेरे सिर को सहलाते हुए मुझे सुलाने लगी….

मुझे पता ही नही चला कि मुझे कब नीद आ गई…

मुँह मे मस्त बूब भरा हो तो नीद का कैसे पता चलेगा….क्यो..हाहहाहा

सुबह अनु के जगाने पर मेरी नीद खुली…

अनु- उठो भैया..नाश्ता कर लो..बहुत सो लिया…

मैने चौक कर आँखे खोल दी और अपने आप को देखने लगा…

थॅंक गॉड मैं चद्दर मे था…और करवट लेकर लेटा था... वो भी पूरा नंगा…ओह्ह्ह

अक्चा हुआ आंटी मुझे चद्दर उड़ा गई वरना पता नही क्या होता…

अनु-उठ जाओ अब..नाश्ता कर लो..

मैं- ह्म्म..आता हूँ...तुम चलो...

अनु मुझे जगा कर चली गई और अनु के जाने के बाद मैं सोचने लगा की आंटी कब गई होगी और मेरे मुँह मे उनका बूब था तो क्या वो यही सोई थी…???

पता नही क्या किया होगा आंटी ने…फिर भी बच गया…अच्छा हुआ कि चद्दर थी ऑर लंड भी शांत था वरना अनु के सामने नंगा पड़ा होता तो क्या होता…??

खैर जो भी हो…अभी उठने का मन नही…थोड़ा रेस्ट कर लूँ…फिर उठुंगा…यही सोच कर मैं लेटा रहा…


RE: चूतो का समुंदर - sexstories - 06-05-2017

रात भर आंटी की गान्ड मारने के कारण आज मुझे ज़्यादा ही नीद आ रही थी …फिर भी आज मुझे काम बहुत थे तो मैं कुछ देर बाद ही मन मार के उठ गया और फ्रेश हो कर रेडी हो गया…

मैं रेडी हुआ ही था कि संजीव रूम मे आ गया…

संजू- भाई रेडी हो पाया कि नही

मैं- क्यो साले दिखता नही क्या…रेडी हूँ

संजू- ओक..चल नाश्ता कर ले फिर स्कूल जाना है…

मैं-स्कूल …किस लिए

संजू- भाई एग्ज़ॅम का टाइम टेबल लेने…

मैं- तुझे कैसे पता कि टाइम टेबल सेट हो गया..

संजू- यार वो अकरम का कॉल आया था..उसी ने बताया…

( यहाँ मैं आपको बता दूं कि अकरम हम दोनो का खास फ्रेंड है….वो कुछ टाइम के लिए आउट ऑफ टाउन गया हुआ था इसलिए उसका ज़िक्र नही आया….इस स्टोरी मे अकरम का इंपॉर्टेंट रोल है…वो आगे पता चलेगा…) 

मैं- ओह्ह..अकरम आ गया…??

संजू- हाँ भाई…बहुत घूम आया साला…आज मिलेगा तो ट्रीट लेगे..

मैं- ओके…चल फिर….

मैं संजू के साथ नीचे आया ऑर नाश्ता करने लगा….

आज फिर नाश्ते की टेबल पर रक्षा मुझे खा जाने वाली नज़रो से घूर रही थी ऑर बाकी सब बाते करते हुए नाश्ता कर रहे थे…

मैं समझ ही नही पाया कि रक्षा की आख़िर प्राब्लम क्या है…क्या यही है वो जो मेरा लंड चूस्ति है….पता करना होगा…वो भी जल्दी….

दूसरी तरफ आंटी ने मुझे देख कर स्माइल कर दी….वो बिल्कुल फ्रेश नज़र आ रही थी…लग ही नही रहा था कि आंटी पूरी रात दमदार गान्ड मरवा कर आई है…मैने भी आंटी को स्माइल पास कर दी …ऑर नाश्ता करना लगा…

नाश्ते के बाद सब लोग अपने काम मे लग गये….अनु, रक्षा ऑर पूनम स्कूल निकल गई अपनी फ्रेंड के साथ…अंकल लोग शॉप पर और आंटी लोग घर के कामो मे…

मैने आंटी से पारूल को घर छोड़ने का बोला तो आंटी ने कह दिया कि जब तक तू यहाँ है तो पारूल भी यही रुकेगी ऑर मेरी हेल्प करेगी….

मैने भी आंटी को ओक बोलकर संजीव के साथ स्कूल निकल आया….

स्कूल पहुँच कर हमने कार को पार्क किया ओर हमेशा की तरह अपनी फेव क्लास मे जाने लगे …फेव क्लास मतलब कॅंटीन …हाहाहा

हम कॅंटीन मे आए ऑर कॉफी ऑर्डर की फिर बैठ कर अकरम का वेट करने लगे…

थोड़ी देर बाद अकरम भी आ गया ऑर हम आपस मे गले मिले ऑर बैठ कर कॉफी पीते हुए बाते करने लगे…

मैं- भाई तू कहाँ घूम रहा था…

अकरम- अरे यार…पहले हम सब मनाली गये थे…वहाँ से वापिस आना था पर डॅड की इंपॉर्टेंट मीटिंग सेट हो गई तो हम सब डॅड के साथ दुबई चले गये और फिर कल ही वापिस आए है..

मैं- दुबई…वाउ…तो मस्त मज़े मारे 1 महीने

अकरम- हाँ यार मज़ा तो बहुत आया…

संजू- अच्छा, ये बता कि मज़े किसके साथ मारे….

अकरम- क्या यार ..तुम भी…कोई नही था…मेरी तो गर्लफ्रेंड भी यही थी…

मैं- अच्छा…तो कौन –कौन था तेरे साथ…

अकरम- कोई नही..बस फॅमिली थी….डॅड मोम…सिस्टर्स…और मौसी….

( अकरम की फॅमिली मे 6 लोग है ..अकरम के मोम-डॅड..अकरम…उसकी 2 दीदी..और एक मौसी…जिन्होने अभी तक शादी नही की और वो अकरम के घर ही रहती है…)

संजू - ओके…तो तेरी गर्लफ्रेंड के क्या हाल है…??

अकरम- ठीक है…

मैं- चल ये बता कि ट्रीट कब दे रहा है..

अकरम- भाई ट्रीट क्या..पार्टी होगी..वो भी 2 दिन बाद

मैं- पार्टी…

संजू- पार्टी किस चीज़ की

अकरम- यार दो दिन बाद मेरे घर पर पार्टी है…तुम लोगो को भी आना है..हाँ

मैं- ओके

संजू- ज़रूर आएगे…बस कोई माल भी बुला ले पार्टी मे..

मैं- ये साला माल ही देखता रहेगा….अकरम ये बता कि तेरी सीबीआइ की तैयारी तो ठीक चल रही है ना…

( अकरम सीबीआइ इनस्पेक्टर बनना चाहता था ऑर तैयारी भी कर रहा था….)

अकरम- हाँ यार..चल तो रही है…नेक्स्ट मंथ शायद जगह निकल आए सीबीई मे…

मैं- ट्राइ करता रह….ज़रूर सीबीई इनस्पेक्टर बनेगा

अकरम- थॅंक्स यार..लगा तो हूँ ही

संजू- अब चलो भी सीबीआइ बाद मे अभी टाइम टेबल ले आए

मैं- हाँ चल ना….

अकरम-चलो…फिर घूमने चलते है…ओके

संजू- हाँ, पर कहाँ जाना है…

मैं - वही चलते है ..अपने अड्डे पर...

अकरम- ह्म्म्म…आज वही चलते है…मुझे कुछ बताना भी है...

मैं-ओके

इसके बाद हमने कॅंटीन का बिल दिया ऑर क्लास मे निकल गये….

क्लास मे जा कर हमने अपना टाइम टेबल लिया ऑर वापिस आ कर मेरी कार से हम सब घूमने के लिए निकल गये…जहाँ हम हमेशा घूमने जाते थे…

मैं, संजीव और अकरम कार से सहर के आउटर मे बने प्ले ग्राउंड पहुँच गये…उस ग्राउंड मे एक तरफ कुछ एक्सरसाइज़ करने के पाइप्स लगाए गये थे….वही पर बैठ कर हम बड़े आराम से दिल की बातें किया करते थे,….

ये हमारा बेस्ट अड्डा था…यहाँ हम हर तरह की बात करते थे पर ज़्यादातर हम चुदाई की बाते यही आकर करते थे…क्योकि यहा किसी के सुन लेने का कोई भी चान्स नही था…क्योकि यहा बहुत ही कम लोग आते थे…

जैसे ही हम वहाँ पहुँचे तो अकरम ने अपने बेग मे से सिगरेट निकाल ली और पीने लगा…

मैं- भाई तू ये सिगरेट छोड़ दे ना….

संजू- हाँ यार तुझे सीबीआइ ऑफीसर बनना है ना...तो सिगरेट छोड़ दे ...

अकरम- हाँ यार छोड़ना तो मैं भी चाहता हूँ..बट साली छूटे तब ना...

मैं- तूने ट्राइ किया..???

अकरम- हाँ यार…और अब काफ़ी कम हो गई है…नही तो तुम तो जानते ही हो कि मैं कितनी पीता था…

संजू-हाँ ये तब तू तो चैन स्मोकर हो गया था..

मैं- ह्म्म..अब बिल्कुल बंद कर दो…ओके

अकरम- ओके भाई …1 मंत मे सब बंद हो जायगी …प्रोमिस..


इसके बाद हम बाते करते हुए घूमने लगे …पर अकरम मुझे पहले की तरह नही दिख रहा था..सिगरेट पीते हुए वो सीरीयस हो गया था…

मैं- अरे अकरम..कोई बात है क्या…सीरीयस क्यो दिख रहा ..

अकरम- न..नही तो..ऐसा कुछ नही….

मैं- नही बोलना तो मत बोल ….मैं फोर्स नही करूगा..

संजू- हाँ भाई..कोई प्राब्लम हो तो बता…

अकरम- अबे सालो कुछ नही है….एक काम कर संजू ..तू बियर ले कर आ जा..ये ले पैसे

मैं- बियर …अचानक…चल मेरे घर चल के पीते है…

अकरम- अरे अभी मन कर रहा है…जा संजू ले कर आ..

मैं समझ गया कि अकरम संजू के सामने कुछ बताना नही चाहता इसलिए उसे भेज रहा है, नही तो अकरम को बियर का कोई खास शौक है ही नही…

संजू- अरे बाद मे पी लेना ना…

मैं- संजू…चुप कर…जा बियर ले आ…ये ले चाबी

मैने संजू को कार की चाबी दी ऑर अकरम ने पैसे ..तो संजू बियर लेने निकल गया...और मैने अकरम की तरफ घूम कर कहा..

मैं- ह्म्म…तो अब बता, क्या चल रहा है तेरे माइंड मे…

अकरम- मतलब् ...???

मैं- देख, मुझसे मत छिपा ..अच्छे से समझता हूँ तुझे....

अकरम(सीरीयस होकर)- हाँ भाई ..पर पहले ये सुन लो कि ये बात हमारे बीच मे ही रहेगी…

मैं- हाँ भाई…आज तक किसी को कुछ बोला क्या…??

अकरम- नही, पर ये बात मेरी फॅमिली की है

मैं(अकरम के कंधे पर हाथ रख कर) - देख अकरम जो भी बात है दिल खोल कर बता…मैं किसी को नही कहूँगा…बोल

अकरम- ओके..आ बैठ के बात करते है


RE: चूतो का समुंदर - sexstories - 06-05-2017

मैं सोचने लगा कि ज़रूर कोई पर्सनल बात है नही तो संजू को भेजने की ज़रूरत नही होती…शायद अकरम की फॅमिली मे कुछ हुआ है…हाँ..यही बात है…

हम फिर एक जगह बैठ गये ऑर मैने अकरम को बोलने का कहा..



अकरम- ओके…देखो तुम तो जानते हो कि मेरे डॅड दुबई मे ही रहते है ज़्यादातर.....और मैं जिम और पढ़ाई मे ही बिज़ी रहता हूँ…

मैं- हाँ जानता हूँ….तो

अकरम- और मेरी दीदी लोग कॉलेज लाइफ मे बिज़ी होती है…

मैं- हाँ ये सब जानता हूँ ..तू पॉइंट पर आ…

अकरम(रोते हुए)- भाई मेरी मोम का चक्कर चल रहा है....

मैं(शॉक्ड होकर)- क्या...*?????

अकरम- हाँ भाई...सच है

मैं- पहले तू रोना बंद कर....ओर पूरी बात बता...

अकरम(रोते हुए)- भाई मेरी माँ किसी से सेक्स भी करती है...

मैं- क्या बक रहा है...माइंड ठीक तो है तेरा...

अकरम- हाँ भाई मैं सच बोल रहा हूँ...

मैं- ऐसा क्या हुआ...कुछ हुआ क्या तेरे सामने...???

अकरम- भाई मैने कई बार मोम के रूम से आवाज़े आती हुई सुनी है...जो चुदाई की होती थी..

मैं- तो तूने पूछा नही...

अकरम- भाई पूछा क्या…मैने उसी टाइम रूम भी देखा पर कुछ नही मिला…

मैं-ह्म्म..शायद तेरा भ्रम हो…

अकरम- भाई, क्या मैं नही जानता कि चुदाई की आवाज़े कैसी आती है..

माइनोक..कूल्ल यार…अच्छा …तो तुझे ये लगता है कि तेरी मोम किसी के साथ….ह्म्म्मढ

अकरम- हाँ बिल्कुल यही 

मैं- तूने ऐसा क्या देख लिया…आवाज़ो से कुछ साबित नही होता...हो सकता है पॉर्न मूवी चल रही हो...

अकरम- भाई मैं शुरू से बताता हूँ...

मैं- ओके..बोल...पर जल्दी..वरना संजू आ जायगा...

अकरम- तू जानता है कि मेरे डॅड पिछले 3 सालो मे सिर्फ़ 4-5 बार ही आए है..और लास्ट टाइम 6 मंत पहले आए थे…

मैं- बोलता जा..पॉइंट की बात कर…

अकरम- सुन तो…तो 6 मंत पहले तक हालत ये थे कि मों सारा दिन ही डॅड से फ़ोन पर बात करती थी और रात मे भी…पर जब मैं 6 मंत पहले कॅंप पर 2 वीक के लिए गया तो उसी बीच कुछ हो गया ऑर मोम चेंज हो गई..

मैं- ऐसा क्यो लगता है…

अकरम- भाई कॅंप से वापिस आने के बाद मुझे मेरी मोम खिली हुई लगने लगी थी...जो हमेशा उदास हुआ करती थी...और तो और मोम ने डॅड से बात करना भी बहुत कम कर दी थी...दिन मे 1-2 बार ही बात करती थी ऑर वो भी कुछ ही देर...

मैं- तो इससे क्या पता चलता है कि चक्कर है...

अकरम- अरे भाई ..मेरी मोम जो शॉपिंग भी बड़ी मुस्किल से जाती थी ...वो अब लगभग डेली बाहर घूमने जाती है...कही इस फ्रेंड के घर तो कभी उस फ्रेंड के घर...

मैं- ह्म्म..तो तुम्हे लगता है कि उनको कोई बाय्फ्रेंड बन गया ओर वो उसी के साथ जाती है…

अकरम- हाँ भाई…

मैं- पर पिछले 1 मंत तो तुम सब साथ मे थे..

अकरम- हाँ थे..पर मोम वहाँ जा कर खुश होने की वजाय उदास दिखती थी…जबकि पहले डॅड के आने की न्यूज़ से ही वो खिल जाती थी..

मैं-हो सकता है जो तू कह रहा है वो सच हो पर सिर्फ़ इस बेस पर तू कैसे सोच सकता है…इंसान के खुश रहने या उदास रहने का कोई टाइम नही होता मेरे भाई..

अकरम- भाई, मैने बहुत सोचा...और मुझे भी लगा कि मैं ग़लत हूँ..पर एक दिन कुछ ऐसा देखा कि मेरा शक यकीन मे बदल गया…


मैं- क्या देख …ये बता..

अकरम- भाई तुझे तो पता ही है कि हमारी मॉर्डन फॅमिली है और मोम भी ज़्यादातर वेस्टर्न ड्रेस ही पहनती है और मिनी भी पहनती है…

मैं- हाँ..तो, आगे बोल

अकरम- एक दिन मोम ड्रेस चेंज कर रही थी कि मैं अचानक उनके रूम मे पहुँच गया..गेट लॉक नही था तो मैने मोम को देख लिया….मोम ब्रा पैंटी मे थी ओर ड्रेस आधी पहन ली थी ऑर बाकी पहन नही पाई थी…


मैं- ह्म्म..आगे…जल्दी बोल..संजू आता ही होगा…

अकरम- भाई मेरी आवाज़ से मोम ने जल्दी से ड्रेस पहन ली..पर मैने उनकी ब्रा –पैंटी देख ली..थी...फिर मैने सॉरी बोला..पर मोम ने ओके कहा कर बोला कि वो किटी पार्टी मे जा रही है..लेट आयगी…

मैं- भाई तू पॉइंट पर आ ना...

अकरम- भाई ये ज़रूरी है…सुन….मोम चली गई ऑर रात मे 11 बजे आई…मैं अपने रूम मे वेट ही कर रहा था…कि मोम आ गई…

मैं- तो इसमे क्या..????

अकरम- अरे सुन तो… मोम हाल मे आ कर सोफे पर लेट गई ऑर उनकी ड्रेस भी उपर हो गई थी…

मैं- यार थकि होगी..तो लेट गई …मतलब की बात बोल..

अकरम- भाई मोम ने सोचा होगा कि मैं सो चुका ..पर मे आराम से नीचे गया मोम को देखने तो मैने जो देखा उसे देख कर शॉक्ड रह गया…

मैं- ऐसा क्या देखा…

अकरम- भाई मोम 1 सोफे पर बेसूध सी लेटी थी …तो उनकी ड्रेस उपर जाँघो तक हो गई थी तो उनकी चूत दिखाई दे रही थी…


RE: चूतो का समुंदर - sexstories - 06-06-2017

मैं-क्या..साले…चूत कैसे दिख जाएगी…पैंटी होगी…

अकरम- भाई इसी लिए तो शक यक्कीन मे बदल गया…

मैं- एक मिनट…मतलब तेरी मोम पैंटी नही पहने हुई थी…

अकरम- हाँ भाई..सिर्फ़ पैंटी ही नही..ब्रा भी नही पहने हुई थी..

मैं- ये कैसे पता..

मैने- भाई जब मैने मॉम को आवाज़ दी तो वो पलट कर बैठ गई पर उनकी ड्रेस उनके बाजू पर सरक गई…वहाँ ब्रा की पट्टी नही थी..

मैं- तुझे कैसे पता…कि वहाँ होती है..

अकरम- भाई मैने मोम की ब्रा की पट्टी कई बार देखी है..इसलिए..

मैं- मतलब ..तू ये कहना चाहता है की तेरी मोम..उस दिन चुदाई करवा कर आई थी ऑर ब्रा-पैंटी वही छोड़ कर आ गई थी..

अकरम( रोते हुए)- हाँ..भाई…उस दिन मुझे पता चला कि मेरी मोम रंडी हो गई है…

मैने अकरम को गले लगया ऑर चुप करा कर बोला…

मैं- भाई अगर ऐसा है तब तो पता करना होगा…नही तो बदनामी हो सकती है…

अकरम- हाँ भाई..यही बात मुझे खाए जाती है…मैने सोचा था कि घूमने के बाद मोम शायद पहले जैसी हो जाय पर ऐसा कुछ नही है…

मैं- क्यो…वहाँ से तो तुम लोग कल रात मे ही आए हो…इतनी जल्दी क्या हो गया..

अकरम- आज मैने मोम को फ़ोन पर बात करते सुना था..कि, अकरम स्कूल जाने वाला है, बस इसके डॅड निकल जाय फिर आती हूँ…मुझे भी प्यास बुझानी है…


मैं- ऐसा क्या..

अकरम- हाँ भाई..डॅड अपने फ्रेंड के घर गयी होगे..और मेरी मोम किसी का लंड खा रही होगी….अब बता क्या करू..

अकरम फिर से रोने लगा…और मैने अकरम को चुप करने लगा......

थोड़ी देर तक मैने अकरम को चुप कराया ऑर फिर कहा..

मैं- अकरम…डॉन’ट वरी..मैं सब पता कर लूँगा…ऑर फिर उस आसिक़ की बॅंड बजाएगे..

अकरम- ह्म्म..पर एग्ज़ॅम के बाद मैं फिर से 2 वीक के कॅंप पर जा रहा हूँ…

मैं- तो क्या हुआ…मैं हूँ ना…तू टेन्षन छोड़ ऑर एग्ज़ॅम दे..एग्ज़ॅम के बाद हम सब कर लेगे..बस तू रोना मत..ऑर अपनी मोम को शक मत होने देना कि तुझे सब पता है..

अकरम- हाँ..वैसे भी पार्टी के बाद मोम-डॅड गाँव जा रहे है दादा जी के पास…एग्ज़ॅम के बाद ही आएगे..

मैं- तब तो अच्छा है..अब आराम से एग्ज़ॅम देते है ऑर एग्ज़ॅम के बाद सब देख लेगे…

अकरम- थॅंक्स भाई…मैं जानता था तू मेरी प्राब्लम समझ सकता है और तू ही मेरी हेल्प कर सकता है....

मैं- हेल्प तो करूगा ही...बट कैसे करू, तूने कुछ सोचा क्या..???

अकरम -भाई…तेरे डॅड की वजह से तेरी भी पहचान बहुत है तो प्ल्ज़्ज़ पता कर भाई…मोम को इस रास्ते पर बढ़ने से रोक दे भाई….

मैं- ओके भाई...मैं करूगा...अपने तरीके से...ओके

अकरम - थॅंक्स भाई....थॅंक्स...

और अकरम मेरे गले लग गया..ऑर सुबकने लगा...

हम गले मिल ही रहे थे कि संजू आ गया,…कार ले कर…

मैं- अकरम रोना बंद कर..संजू आ गया...

अकरम- ह्म्म...उसे पता नही चलना चाहिए...

अकरम ने अपनी आँखे सॉफ की और फिर हम अलग हुए.....

संजू- भाई मैने कुछ मिस तो नही किया..क्या बातें हो रही थी...

मैं- नही बे...हम ऐसे ही गप्पे मार रहे थे....

अकरम- हाँ भाई...अब तू इंक्वाइरी छोड़ और बियर पिला....

ओर हम संजू की लाई हुई बियर पीने लगे….

फिर हम गप्पे मारते हुए बियर पीने लगे...और बियर ख़त्म करके हम घर निकल आए...

फिर हमने अकरम को घर ड्रॉप किया ओर मैने आँखो से उसे कूल रहने का बोला ओर फिर उसके घर पार्टी मे आने का बोल कर…हम निकल आए मेरे घर की तरफ…

संजू- भाई..अब कहाँ चल रहे है…???

मैं- मेरे घर…

संजू- कोई काम है क्या…???

मैं- हां…चुदाई करने का मूड है…

संजू- भाई..मेरा भी कुछ करवाओ…

मीयन- ह्म्म..चल आज तेरा भी मूड बना देता हूँ…

संजू -थॅंक्स यार..तू ही मेरा भाई है..

मैं- अब मस्का मत बार..चल ऐश करते है…

इसके बाद मैने अपने घर पर कार रोकी और हम अंदर आ गये.....


अंदर आते ही मेरे सामने सब चेहरे आ गयी...अभी हाल मे सविता, उसका बेटा, रेखा, हरी और रश्मि बैठे हुए टीवी देख रहे थे,,,मेरे अंदर आते ही सब मेरे पास आ गये ओर हम बाते करने लगे...

सविता- अरे बेटा कल आए थे तो रुके क्यो नही...

मैं- तुम सब कहाँ थे तब..सारे लोग गायब थे,,,,

सविता- वो हम सब थोड़ा बाहर गये थे…कैसे हो..ठीक हो ना…??

मैं- ह्म्म..ठीक हूँ…

हरी- सर मैं चलता हूँ…बड़े सर ने ऑफीस जाने को बोला था ..

मैं- ओके….

हरी के निकलते ही रेखा ने कहा…

रेखा- सर आप सदी मे इतने डूब गयी कि हमे ही भूल गयी..

मैं(मुस्कुरा कर)- अरे नही..मुझे सब याद है..बहुत मिस किया..तुम सब को…

सविता- बेटा आप लोग रूम मे जाओ..मैं कॉफी भिजवाती हूँ..

सविता किचेन मे चली गई....

मैं- ह्म्म..रश्मि…तुम कॉफी ले आना..

रश्मि(खुश होकर)- जी सर..

रेखा- मुझे भी आपसे काम है थोड़ा..

मैं- ओह…अच्छा…तो तुम भी रश्मि के साथ आ जाना ओके…

फिर मैने सविता के बेटे को कहा..

मैं- सोनू, तेरा क्या चल रहा है आज कल…

सोनू- कुछ नही भैया..बस पढ़ाई...

मैं- ह्म्म्म ..तो पढ़ाई किया कर..फालतू मत घूमा कर...

सोनू- जी भैया...

मैं- और हाँ...मुझे कुछ बात करनी है तुझसे....

सोनू- क्या भैया..

मैं- अभी नही…फ्री होउंगा….तब बताउन्गा…अब जा कर पढ़ाई कर…

सोनू मेरी बात मान कर अपने रूम मे पढ़ाई करने चला गया ऑर रश्मि और रेखा को जल्दी आने का कह कर मैं संजीव के साथ अपने रूम मे आ गया…

मैं- संजू…आज हम दोनो..एक साथ चुदाई करते है …

संजू- ओके….तो बुला ना…किसे बुला रहा है..

मैं- सबर कर साले…बुलाउन्गा तो देख लेना कि किसे चोदना है…

फिर मैने फ़ोन निकाल कर एक मेसेज किया ओर संजू से बात करते हुए कॉफी का वेट करने लगा….

थोड़ी देर बाद ही सविता कॉफी ले कर आई…

मैं- रश्मि कहाँ है...उस से कहा था कॉफी लाने का...

सविता- वो कुछ काम मे बिज़ी है रेखा के साथ ..आप कॉफी पीओ ..वो आ जाएगी..

मैं- ओके…आप जा कर…सोनू(सविता का बेटा) को पढ़ाई करवाओ..ऑर जब मैं कहूँ..तभी उसे छोड़ना ..ओके

सविता(मुस्कुरा कर)- समझ गई…मैं जाती हूँ…

सविता के जाने के बाद हमने कॉफी ख़त्म की और फिर मैने रश्मि को कॉल किया..

( कॉल पर)

मैं- हाँ रश्मि क्या कर रही हो..

रश्मि-आपने मेसेज किया था ना…वही काम कर रही हूँ…

मैं-ओक..ऑर तुम्हारी भाभी…

रश्मि- हम साथ मे है…एक दूसरे की सफाई कर रहे है…

मैं-ह्म्म..तो एक काम करो..गेट ओपन करो..हम वही आ रहे है…

रश्मि-हाँ आ जाइए..भैया भी नही है…मैं गेट खोल दूगी

मैं- तू अभी गेट खोल और अपना काम कर….मैं आ जाउन्गा...ओके

कुछ सेकेंड बाद ही...

रश्मि-ओके…खोल दिया…अब हम बाथरूम मे जा रहे है…

मैं-ओके…

मैने फिर फोन कट कर दी….रश्मि को मैने चूत चिकनी करने का मेसेज किया था…और रश्मि रेखा के साथ मिलकर चूत की ही सफाई कर रही थी…

मैने सोचा कि क्यो ना वही जा कर दोनो को देखा जाय और वही चुदाई भी कर लेगे…...

मैं-चल संजू…तुझे चूत दिलाता हूँ..

संजू-वाह भाई चल…


RE: चूतो का समुंदर - sexstories - 06-06-2017

हम दोनो फिर नीचे आकर एक रूम मे आ गये..जो मैने रश्मि ऑर रेखा को रहने दिया था...ये रूम भी काफ़ी बड़ा था और यहाँ ज़रूरत का हर सामान भी था...

हम जैसे ही रूम मे आए तो गेट तो ओपन था ही..साथ मे बाथरूम का गेट भी ओपन ही था ऑर सामने का नज़ारा कुछ ऐसा था...कि देखते ही लंड झटका मारने लगा,,,,,

सामने बाथरूम के अंदर बाथटब मे रश्मि और रेखा एक दूसरे की चूत ऑर गान्ड को साबुन लगा कर सॉफ कर रही थी….




हम बाथरूम के बाहर से देख ही रहे थे कि रश्मि बोली…

रश्मि- डोर से क्या मज़ा ले रहे है…आ जाइए…

मैं- नही...तुम दोनो अपना काम पूरा कर लो..ऑर हम तुम्हे देख कर गरम होते है, क्यो संजू...???

संजू- हाँ भाई…ऐसे तो हम जल्दी गरम हो जाएगे…

इसके बाद रश्मि और रेखा अपने आप मे बिज़ी हो गई और दोनो एक दूसरे को साबुन लगाने लगी…

रेखा – रश्मि…चूत को ठीक से सॉफ करना…सर को चिकनी चूत पसंद है…

रश्मि- हां, भाभी…चिकनी चूत तो मुझे भी पसंद है…पूरी सॉफ करूगी….

रेखा- तुझे क्या करना है चूत का…तू तो लंड खाएगी..

रश्मि- अरे भाभी..आज तुम्हारी चूत देख कर इसे चूसने का मन कर रहा. है…सच मे बड़ी चिकनी दिख रही है…भाभी इसे खोल के तो दिखो…

रेखा- तू भी ना…ये ले खोल दी देख ले...

रेखा ने अपना एक पैर बाथटब के किनारे पर रख दिया तो उसकी चूत खुल कर रश्मि के सामने आ गई...

रश्मि ने एक उंगली रेखा की चूत मे डाली ऑर बोली...

रश्मि-भाभी...सच मे आज तो ये चूत चुदने मे ज़्यादा ही मज़ा देगी...

रेखा- हाँ मेरी प्यारी ननद …..सर चोदेगे तो मज़ा तो आयगा ही…तेरी उंगली से ही मैं गरम हो गई..आहह

रश्मि ने रेखा की चूत मे उंगली आगे पीछे करना शुरू कर दिया,,,ऑर रेखा भी मस्ती मे अपने बूब्स अपने हाथ से मसलने लगी…..




आख़िरकार कुछ मिनट की मेहनत के बाद रश्मि ने रेखा को झाड़ा ही दिया…

रेखा- आहह..आह..म्म्मा़यन..आइी…ऊहह रश्मि…आऐईइ

रश्मि- ओह भाभी…मेरे मुँह मे…मुझे पीना है तुम्हारा पानी….

रेखा—आजा कुतिया…पी ले …जल्दी आहह…

रश्मि ने जल्दी ही झुंक कर रेखा की चूत पर मुँह लगा लिया ओर रेखा ने रश्मि के सिर अपनी चूत पर दवा कर झड़ना शुरू कर दिया...

रेखा- आहह...आहह...ले कुतिया..आहह पी जा...

रश्मि- सस्ररुउपप..सस्ररुउउप्प..उउंम्म...उउंम..

ऐसे ही आवाज़ो के साथ रेखा झाड़ गई ऑर रश्मि रेखा का चूत रस पी गई..और उसके बाद दोनो ने एक दूसरे को नहलाया ऑर बात तुम से निकल कर हमारे पास आ गई...

मैं- ह्म्म..तो अब क्या ख्याल है..

रेखा और रश्मि ने एक दूसरे को देखा और रेखा बोली

रेखा- तो मेरी प्यारी ननद....लंड खाने को तैयार है...

रश्मि- ओह मेरी रंडी भाभी…मैं तो हमेशा रेडी ही रहती हूँ…

मैं- तो फिर शुरू हो जाओ...

मेरी बात सुनते ही रश्मि नीचे बैठी ओर मेरे पेंट को ओपन कर के अंडरवर के साथ नीचे किया ऑर मेरे आधे खड़े हुए लंड को चूमना चाटना शुरू कर दिया…

दूसरी तरफ रेखा ने भी सोनू का लंड निकाल कर चाटना शुरू कर दिया…और अब दोनो ननद-भाभी हम दोनो के लंड कड़क करने लगी…




मैं- ऊहह…रश्मि….तू कमाल है

संजू- हाँ...रेखा भी कम नही....

रेखा- सस्स्रररुउउप्प्प..सस्रररुउपप..सस्र्र्ररुउप्प्प

रश्मि-सस्रररुउउप्प..सस्रररुउउप.सस्रररुउउप्प

मैं- श..मेरी कुतिया...चूस ना...क्या चाट कर ही झडायेगी....

रश्मि ने मेरे बोलते ही लंड को मुँह मे भर के चूसना शुरू कर दिया ....और दूसरी तरफ रेखा ने भी संजू का लंड मुँह मे भर कर चूसना शुरू कर दिया...

मैं- आहह…चूस …फिर तेरी फादू….

संजू-आहह…तीज्ज….आहह

रेखा - ह्म्म्मल…सस्स्रररुउउप्प्प…सस्स्ररुउउउप्प…सस्ररुउउप्प

रश्मि- उउंम..उउंम..उउंम..

मैं- आहह…क्या चूस्ति है…मस्त…

रश्मि- सस्ररुउउप्प…सस्ररुउउउप्प्प..सस्रररुउउप्प

संजू- हमम्म..रेखा …अब बस कर…आहह

रेखा – उउंम…उउंम…उउंम..उउंम्म..

थोड़ी देर मे ही संजू चुदाई के लिए रेडी हो गया और उसने रेखा के मुँह से लंड निकाला ऑर नीचे से नंगा हो कर नीचे लेट गया ऑर रेखा से बोला

संजू- अब जल्दी आ…चुदाई करू…ऑर नही रुक सकता…

रेखा- ह्म्म…तो कर लो ना…मुझे भी सवारी करने का मन था…

संजू- हाँ आजा, सवारी करा दूं लंड की…ऑर तेरी गान्ड भी देखूं…

इसके बाद रेखा संजू के लंड पर उल्टी हो कर बैठी ऑर गप्प से संजू का लंड चूत मे भर के गान्ड घुमाने लगी...ऑर थोड़ी देर मे ही रेखा संजू के लंड पर उपेर नीचे होने लगी.....




( यहा मैं और संजू एक ही टाइम चुदाई कर रहे है पर मैं सीन को अलग- अलग लिख रहा हूँ...)

संजू- अहहह...रेखा..मेरी जान...ज़ोर से.,,,आअहह

रेखा-आहह.....हम्म...श..ऊहह...

संजू- यस...ज़ोर से....आहह...ओर तेजज्ज़...आअहह

रेखा- हां....सर...ये लो...मज़े..करो..आहह....

संजू-आहह...आहह...मान गये.,...क्या चूत है....मज़ा ही आ गया...

रेखा- चोद ले..आहह...ये ले...आ..आहह

रेखा तेज़ी से संजू के लंड पर उपेर नीचे होने लगी ओर संजू चुदाई के रंग मे डूबने लगा...

संजू- अहहह...मेरी जान,,,,क्या सवारी करती है.....ज़ोर से..उछल.....आहह

रेखा- उउंम..आहह..आहह...हमम्म...ऊहह..म्माआ

संजू- तेरी गान्ड...आअहह..मस्त है...

रेखा- आहह…हमम्म्म….म्म्म्र्र..लेना….आहः…आभीी चुत…पेलो...
...अहहह

संजू – आज तो गान्ड ही मारूगा….अभी चूत मार लूँ…

रेखा- हां…मार ले….आअहह…आहह…

संजू और रेखा अपनी चुदाई मे बिज़ी थे.....

दूसरी तरफ मैं रश्मि को रूम मे ले आया ओर उसे सोफे पर बैठा कर लंड को चूसने का इशारा किया….ऑर रश्मि मेरा लंड चाटने लगी....

मैं- हाँ..मेरी कुतिया…चाट, ऐसे ही..अह्ह्ह्ह

रश्मि -सस्रररुउपप..सस्ररुउउप्प..स्ररुउउप्प..उउम्म्म्म

और थोड़ा चाटने के बाद रश्मि ने लंड को मुँह मे भर लिया ऑर प्यार से चूसने लगी….

रश्मि - उम्म्म…उउउम्म्म्म…सस्सुउुऊउग़गग…सस्रररूउउग़गग

मैं- आह…ऐसे ही…ज़ोर .से…आहह

रश्मि - उउउंम्म…उउउंम्म..सस्स्रररूउग़गग..सस्रररगगगगगग..सस्ररघ्ज्ग

मैं- आहह…ओर तेजज…टीज़्जज…आहह…

रश्मि - उउउंम..उउंम्म..उउंम..सस्ररूउग़गग…सस्ररूउग़गग…


मैने रश्मि का मुँह पकड़ा और उसके मुँह को तेज़ी से चोदने लगा…

रश्मि ने भी मस्ती मे अपनी उंगलियाँ अपनी चूत मे डाल दी...

मैं अपने लंड को रश्मि के गले की गहराई मे ले जाते हुए उसके मुँह को चोदे जा रहा था ….ऑर रश्मि तेज़ी से अपनी चूत को उंगली से चोद रही थी....थोड़ी देर मिस्टर रश्मि के मुँह से थूक निकलने लगा और उसकी आवज़े गले मे ही रह गई….

रश्मि- उउंम..सस्ररूउउगग..क्क्हूम्म..सस्सुउउंम्म

मैं-आहह…अब…मज़ा…आया ..आहह…

रश्मि-उउंम..उउंम्म..उउंम..कक्ख़्हूंम्म…क्क्हूम्म

मैं- ये ले साली …चूस अब…आअहह

रश्मि- ख़्हूंम्म..क्क्हूम्म..सस्सुउऊइगगगग...सस्स्रररूउगग..उउउंम्म

रश्मि ऐसी ही आवाज़ो के साथ झड़ने लगी और मैं भी उसके मुँह मे झड़ने लगा....

मैं- ओह्ह रश्मि ....मैं आया...आअहह

और इसी के साथ मैने अपने लंड रस से रश्मि का मुँह भरना शुरू कर दिया ...

मैने पूरा झड़ने तक रश्मि का मुँह चोदता रहा ओर जैसे ही उसके मुँह को हाथ से छोड़ा तो वो खाँसते हुए सासे लेने लगी....और उसके मुँह से लंड रस टपक कर उसके गले पर फैलने लगा...

वहाँ संजू और रेखा भी झाड़ कर शांत हो गये और यहाँ रश्मि और मैं भी झाड़ गये....

रश्मि ने नॉर्मल होते ही अपने आप को सॉफ किया और फिर से मेरा लंड चूस कर सॉफ कर दिया ...और फिर से लंड को खड़ा करने लगी...

दूसरी तरफ...संजू रेखा को बेड पर ले आया और रेखा संजू का लंड चूस कर फिर से खड़ा करने लगी....

थोड़ी देर मे ही रेखा और रश्मि की मेहनत रंग लाई जिस से मेरा और संजू का लंड चुदाई के लिए रेडी हो गया...

संजू ने जल्दी से रेखा को रोका और उसे कुतिया बना कर उसकी गान्ड मे लंड डाल दिया और गान्ड मारने लगा....

मैने भी रश्मि को बेड पर ले जा कर पटक दिया ऑर उसके साइड मे लेट कर पीछे से उसकी चूत मे लंड डाल कर चोदने लगा....

अब मैं और संजू एक ही बेड पर ननद- भाभी को साथ मे चोद रहे थे ऑर दोनो चुदाई मे मस्त हो कर आवाज़े निकाल रही थी.....




रेखा- आहह..आहह..आहह..आअहह..म्मा

रश्मि- ऊहह …आहह…आहह…आह

संजू- यस…तेरी गान्ड …मे तो आहह..मज़ा आ गया…

मैं- आअहह….रश्मि…..ये ले…..ज़ोर से…

रश्मि- ऊहह...डालो...आहह....आहह

रेखा- फाहह....फ्दाड़...दो आहह

संजू- अहः ..यस....यस...

रश्मि-भभजी..अहहह..गान्ड ...मरवा ली...आह.....

रेखा-आहह...आअहह...हाा...गान्ड...मरवाने...का....आहह...मन...था....

रश्मि- फाड़ दो..इसकी आअहह...गान्ड...आहह

संजू- हाँ..ये ले...आभीइ....फाड़ता हूँ.....

रेखा-आहह...सर...इसकी..चूत...फाड़..दूँ...साली..आहह....कुतिया....

मैं- हाँ...ये ले...आहह..अहहह

रश्मि-आहह..माँ.......तेज..ऑर तीज्ज्ज....

मैं- ये ले...साली...ऑर ले....

संजू-ये…मेरा भी…आहह…फटी ना….आहह

रेकाः- डाअल…ज्जॉर्रसे…आहह

मैं- रेखा….मैं आउ क्या….??

रेखा-हां..सिर….गान्ड…मार लो…अहहह…आप…आऊ…ये..छोटा है…

संजू-साली रंडी…छोटा है..ये ले…आह

रश्मि- हाँ सर..आह..फाड़...दो इसकी गान्ड....मैं छोटा ले लुगी,,,,अहह..

थोड़ी देर बाद संजू ने रेखा को छोड़ दिया ऑर मैने रश्मि को...

मैं- अब मैं रेखा की गान्ड फाड़ता हूँ...

रेखा- ओह्ह...हाँ सर आप ही फाडो..आहह

रश्मि- अब मेरी भी फाडो ना...

संजू- रश्मि तू मेरे पास आ...


RE: चूतो का समुंदर - sexstories - 06-06-2017

फिर मैं जा कर बेड पर लेट गया ऑर रेखा को गोद मे बुला कर उसकी गान्ड मे लड़ डाल दिया...दूसरी तरफ संजू मेरे बाजू मे लेट गया और रश्मि को अपनी गोद मे बैठ कर उसकी चूत मारने लगा...

अब दोनो ननद भाभी हम दोनो दोस्तो के लंड की सवारी करने लगी और रेखा ने जोश मे आकर रश्मि के बूब्स को चुंसना शुरू कर दिया ……





मैं- आहह…..रेखा…अब मज़ा आया..

रेखा-उउंम..आहह..सर…फाड़,दो..आ..सस्ररुउपप….

रश्मि- आहह..भाभी….चूस …आहह…संजू सर…ज़ोर से..मारो….

संजू-आहह…ये ले…ये ले…यीहह

मैं रेखा की गान्ड तेज़ी से मारे जा रहा था ओर उतनी ही तेज़ी से रेखा रश्मि के बूब्स को चूसने लगी.....रश्मि भी फुल मूड मे संजू के लंड को उछल-उछल कर चुदवाने लगी ऑर संजू नीचे से तेज शॉट मारे जा रहा था,,,,,

पूरे रूम मे बस चुदाई ओर चुसाइ की आवाज़े गूज़्ने लगी ओर साथ मे गान्ड ऑर जाँघो की टक्कर की आवज़े भी....

मैं- आहह….अहयीहह….यह…

रेखा- उउंम..अहहह…आ..उउंम

रश्मि- ऊहह….भाब हिी..आअहह…ज़ोर से…..

संजू- यीह यह यहह

रेखा -आअहह…आअहह…ऊररर…तीएजज,,,,आहह,,,,,,आअन्न्ंदडाा ….ताअक्कक….म्म्माबआ….उूउउफ़फ्फ़…म्म्मा्….फ़फफादद्ड़..दद्दूव…आअहह...उूउउफ़फ्फ़..म्म्माम.....आाऐययईई.....म्म्मा आ...आअहह

मैं- आहह..ईएहह….एस्स..एस्स….ये..ले…

रश्मि - आअहह…आअहह…ऊररर…तीएजज,,,,आहह,,,,,,आअन्न्ंदडाा ….ताअक्कक….म्म्माहआ….उूउउफ़फ्फ़…माआ…म्माईिईन्न्न…..म्म्माु…आआईइ……आअहह…ऊओह

संजू- यीह ये ले…ये ले... ओर तेजज्ज़ डालु..

रेखा -आअहह….दददााालल्ल्ल्ल्ल्ल…द्ददी…..आआअहह…फासस्थटत्त…आअहह
..यस…यस..यस…आअहह....तीएजज्ज़....ऊओरर..त्त्तीज्ज्ज....आहह...उउफफफ्फ़...आआहह

मैं-यस बेबी..ये ले..…ये ले

रेखा-आअहह…आहह…हहा…ऐसे ही करो..आहह…..आहहह…अहहह..यईएसस..सहहाः…ज्जॉर्र्र..ससी..आहहह..

संजू -यस बेबी यस

रश्मि - अहः..उउंम…हहूऊ…आअहह.ययईएसस…आऐईइईसीए हहीी…ययईसस…ज्जूओर्रर…ससीए…..एस्स्स्स्स…आअहह…फफफफफफुऊफ़ुऊूक्कककककक…म्माईिईन्न्न,….आआईयइयाय …आअहहहह…ऊओ…म्मा….ऊहह…ऊहह..ऊहह

चुदाई का महॉल अपनी चरम सीमा पर आ गया ऑर आवज़ो से शोर मचना शुरू कर दिया…रश्मि झड़ने लगी और मैने भी रेखा की चूत को मसलना शुरू कर दिया तो वो भी झड़ने लगी…

रेखा आहह…..स्शहहह..आहह…त्ततुनूउप्प्प…कचूनूप्प्प….
.ईएहहाअ…आहह…त्ततुनूउप्प्प…त्ततुनूउप्प्प….फ़फफूूककचह…फ़फफूूककच….ऊओ…ईीस्स…यईीसस…आअहह….ऊओ……
फफफफकक्चाआप्प्प….टतततुउउप्प…आहह


फफफफात्तत्त…..प्प्पाट्त्ट…आहः..उउंम…हहूऊ…आअहह.ययईएसस…आऐईइईसीए हहीी…ययईसस…ज्जूओर्रर…ससीए…..तीज़्ज़ज्ज…हहाअ…उउउफफफ्फ़
यएएसस्सस्स…आअहह…आअहह…ययईईसस्स….ऊऊहह…आअहह

मैं भी झड के रेखा की गान्ड लंड रस से भरने लगा...और संजू रश्मि की चूत मे झड़ने लगा....इसी तरह हम चारों झाड़ गयी...

रेखा झड़ने के बाद मेरे होठ चूसने लगी और दूसरी तरफ रश्मि झड़ने के बाद संजू के उपर ही लेटी थी ऑर संजू उसके बूब्स सहला रहा था…

करीब 10 मिनट के बाद हम सब नॉर्मल हुए ऑर बाते करने लगे…

मैं- क्यो मज़ा आया ना…

संजू- मस्त मज़ा भाई..

रेखा- बहुत आया सर

रश्मि- सच मे सर मस्त मज़ा आया...

मैं- ह्म्म..अब नहा ले संजू फिर तेरे घर चलना है

संजू- हाँ या...नहाना तो पड़ेगा ही

रेखा- क्यो ना हम साथ मे नहाए…

रश्मि- हाँ सर…चलो साथ मे नहाते है

मैं- ओके, चलो फिर

इसके बाद हम चारो साथ मे बाथरूम मे घुस गयी और मस्ती करते हुए नहाया…फिर रेडी हो कर मैं सबको बाद मे आने का बोल कर…संजू के साथ उसके घर जाने निकल आया…

जब हम संजीव के घर पहुँचे तो…संजीव के घर मे इस वक़्त सिर्फ़ उसकी मोम, उसकी आंटी और पारूल ही थी….

संजीव चुदाई से थक गया था तो वो सोने का बोल कर अपने रूम मे निकल गया और आंटी मेरे लिए कॉफी बनाने किचन मे चली गई….अब वहाँ मैं और पारूल ही बचे थे…

पारूल – एक बात पूछूँ सर…???

मैं- नही…अगर भैया से पूछना हो तो पूछ सकती हो…

पारूल- ओह माफ़ करना, भैया एक बात पूछूँ…

मैं- ह्म्म…आगे से भैया ही निकलना मुँह से ओके....अब पूछो...

पारूल(आजू-बाजू देख कर)- भैया कल आप किस के साथ थे..*???

मैं- कल मतलब किस टाइम..???

पारूल-(मेरे पास मुँह लाकर)- रात मे…

मैं(मुस्कुरा कर)- तू क्यों पूछ रही है…

पारूल- ऐसे ही…

मैं- ह्म्म..ऐसे ही हाँ, तो कल रात मे तो मैं संजीव के रूम मे सो रहा था…

पारूल-झूट….

मैं- अच्छा, मैं झूट नही बोलता…

पारूल- भैया आप झूट बोल रहे हो…मैने अपने कानो से सुना था…

मैं(मान मे)- मैं जानता था कि पारूल और पूनम चुदाई की आवाज़ ज़रूर सुन लेगी…पर पूनम ने कुछ नही पूछा…क्यो…???

पारूल-अब आप सच बताएँगे…???

मैं- ह्म्म..तुझे क्या जान ना है…ये बताओ…

पारूल(शर्मा कर)- आप किसी की चुदाई कर रहे थे ना…???

मैं- हाँ…तो

पर्यूल- वो …कौन थी ..???

मैं- ह्म्म..बताउन्गा…पर बाद मे…पक्का…पर अभी मुझे कुछ पूछना है तुमसे…

पारूल- जी भैया...पूछो..

मैं- कल रात मे पूनम ने भी आवाज़ सुनी होगी ना..उसने कुछ नही कहा तुमसे..

पारूल- कहती तो तब, जब कुछ सुनती....

मैं- मतलब…वो कहाँ थी…???

पारूल- अरे भैया ..रात मे पूनम दीदी अपने कानो मे हेड फ़ोन लगा कर गाना सुनते हुए ही सो गई थी…तो उन्हे कुछ सुनाई ही नही दिया होगा…

मैं- ओह्ह…तभी…तो ये बता कि तूने क्या सुना..

पारूल- सब कुछ..वो भी सॉफ-सॉफ..

मैं- ह्म्म..तो फिर क्यो पूछ रही थी कि किसकी छुदाई कर रहा था…

पारूल(मुस्कुरा कर)- बस ऐसे ही…कि आप क्या बोलते है…

मैं- अरे मेरी गुड़िया..तुझे जब भी कुछ पूछना हो, पूछ लेना ...मैं हमेशा सच ही बताउन्गा...

पारूल- तो बताइए कि कौन थी…

मैं(पारूल के गाल खींच कर)- तू सब जानती है मेरी रानी….अब नाटक बंद कर...

पारूल-ओह भैया..छोड़ो ना...पता है...वो रजनी आंटी थी...

पारूल के कहते ही रजनी आंटी पीछे से बोली...

आंटी- रजनी आंटी क्या थी...ह्म्म, क्या बाते हो रही है मेरे बारे मे...

उनकी आवाज़ सुनकर हम दोनो एक दूसरे को देखने लगे…और पारूल तो डर से काँप ही गई…मुझे कुछ समझ नही आ रहा था कि क्या कहूँ…फिर सोच कर बोला…


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