Antarvasna Sex kahani जीवन एक संघर्ष है
12-25-2018, 12:16 AM,
#61
RE: Antarvasna Sex kahani जीवन एक संघर्ष है
सूरज-"माँ आज वही शार्ट ड्रेस पहनो जो मैंने दिलबाई थी" 
रेखा-" वो तो में घर ही छोड़ आई,लेकिन एक ड्रेस लाई हूँ,कुर्ता और लेगी बाली ड्रेस,उसी को पहन लेती हूँ" 
सूरज-"ठीक है माँ,बही पहन लो"रेखा शरमाती हुई कमरे से निकल कर अपने कमरे में आ जाती है, रेखा अपने बेग से ड्रेस निकालती है, रेखा ने आज तक सलवार कुर्ता नहीं पहना,आज पहली बार पहनने से पहले शर्मा रही थी,क्यूंकि कुर्ता थोडा शार्ट था,और नीचे लेगी थी, रेखा अपनी मेक्सी उतार देती है,लाल ब्रा और लाल पेंटी में खड़ी होकर शीशे के सामने अपना गदराया हुआ शरीर देखती है, रेखा फेसनेवल जालीदार पेंटी पहनी थी,जो सिर्फ चूत को ही ढकी हुई थी,पेंटी बहुत टाइट थी,चूत का उभार साफ़ दिखाई दे रहा था, 40 साइज़ की चूचियाँ ब्रा से बाहर आने के लिए आतुर थी, रेखा दोनों हांथो से अपने बूब्स को हाँथ से दबाती है,ऐसा लग रहा था जैसे वो उनका मापन कर रही थी। रेखा की लंबाई 5 फुट 6 इंच थी,भरा हुआ बदन और मोटी चौड़ी गांड, किसी का भी लंड खड़ा कर दे, मोटी मोटी जांघे,सफ़ेद दूधिया जिस्म चमक रहा था, रेखा लेगी उठाकर पहनने लगती है,सफ़ेद रंग की लेगी बहुत कोमल और सॉफ्ट थी लेकिन बहुत टाइट थी, लेगी पहनते ही शीशे में देखती है,लेगी टांगो में चुपक गई थी,और गांड का आकर लेगी में साफ़ उभर कर आ गया, सामने उसकी जांघे और जांघो के बीच चूत का उभार झलक रहा था, रेखा लेगी पहनने के बाद भी ऐसा लग रहा था जैसे नंगी खड़ी है, रेखा को बहुत शर्म आ रही थी। रेखा सोचती है सूरज देख कर क्या सोचेगा,रेखा कुर्ता भी पहन लेती है,और शीशे में देखती है,कुर्ता उसके जिस्म से चुपका हुआ था,उसकी चूचियों की खाई एक गुफा की तरह दिखाई दे रही थी।
रेखा ज्यादा देर न करते हुए जल्दी से मेकअप करती है। और शीशे में अपने आपको देखती है।
आज रेखा बाकई में किसी जवान लड़की की तरह लग रही थी, कुरता शार्ट होने के कारण सिर्फ उसकी जांघो तक ही था,रेखा पीछे अपनी गांड की तरफ नज़र मारती है, गांड बाहर की ओर निकली दिखाई देती है, रेखा शरमाती हुई अपने कमरे से बाहर निकल कर सूरज के कमरे में जाने लगती है, रेखा की धड़कन बहुत तेज थी और हलकी घबराहट भी थी, चूँकि आज पहली बार साडी को त्याग कर कुरता लेगी पहनी थी आज उसने अपना नया रूप देखा था और अब सूरज को अपना नया रूप दिखाने जा रही थी । 
इधर सूरज बाथरूम से फ्रेस होने के बाद कच्छा बनियान में बाहर निकल कर खड़ा ही था तभी रेखा सूरज के कमरे में प्रवेश करती है। सूरज जैसे ही रेखा को देखता है तो हैरान रह जाता है, उसने कभी सोचा भी नहीं था रेखा इतनी कामुक और हॉट लगेगी, सूरज की नज़र रेखा की बाहर निकली हुई गांड पर जाती है जो सफ़ेद लेगी में साफ़ झलक रही थी, गांड को देखने के बाद सूरज की नज़र रेखा की चुचियों की तरफ जाती है जिनका आकर साफ पता चल रहा था और थोडा सा गला खुला हुआ था जिसमे उसकी खाई एक नाली की तरह दिखाई दे रही थी, सूरज का लंड उसके कच्छे में तन जाता है,इधर रेखा सूरज के इस तरह देखने से शर्मा रही थी । रेखा की नज़र सूरज के फ्रेंच कच्छे में जाती है तो हैरान रह जाती है,उसका लंड कच्छा फाड़ कर बाहर आने के लिए बेकाबू हो रहा था। रेखा की धड़कने और बढ़ जाती हैं। खुद के बेटा का लंड खड़ा हो जाना उसके लिए किसी परिक्षण से कम नहीं था, रेखा समझ जाती है की वो बाकई इस ड्रेस में बहुत कामुक लग रही है । रेखा अपनी धड़कने काबू करते हुए सूरज से बोली।
रेखा-"सूरज तू अभी तैयार नहीं हुआ" रेखा के बोलने पर भी सूरज ध्यान नहीं देता है और आँखे फाड़े जिस्म का एक्सरा अपनी आँखों से कर रहा था। रेखा इस बार तेजी से बोलती है ।
रेखा-"सूरज" सूरज एक दम हड़बडाता हुआ कल्पना से निकल कर आता है ।
सूरज-"ह हाँ म माँ, बस अभी तैयार हो रहा हूँ" सूरज जैसे ही नीचे अपने कच्छे को देखता है तो चोंक जाता है,अपनी ही माँ को देख कर लंड खड़ा था, सूरज अपनी जीन्स की पेंट उठा कर बाथरूम में भाग जाता है शर्म के कारण, रेखा के चेहरे पर हलकी मुस्कान आ जाती है यह देख कर ।जीन्स की पेंट में बड़ी मुश्किल से अपने लंड को कैद करता है,लेकिन फिर भी लंड का उभार साफ़ दिखाई दे रहा था, सूरज जल्दी से टीशर्ट पहन लेता है,जिससे लंड का उभार छिप जाए । कपडे पहनने के बाद सूरज कमरे में आता है, रेखा अभी भी सोफे पर बैठी थी ।
सूरज-"माँ चलें अब" शर्माता हुआ बोला।
रेखा-"हाँ चलो" हेलिना आ चुकी थी और बाहर गाडी के पास खड़ी सूरज का इंतज़ार कर रही थी। हेलिना सुरज को गुड़ मॉर्निंग विश करती है और गले लगा कर हग करती है । हेलिना आज भी बहुत हॉट लग रही थी, सूरज हेलिना को वाटर फॉल और बिच पर घूमने के लिए अंग्रेजी में बोलता है, रेखा उन दोनों की बातें समझ नहीं पा रही थी, चूँकि रेखा 10वीं तक पढ़ी थी । सूरज आगे बाली सीट पर बैठ जाता है और रेखा पीछे की सीट पर बैठ जाती है, हेलिना गाडी दौड़ा देती है । रेखा गाडी के शीशे से बाहर अमेरिका की खूबसूरती देखने में व्यस्त थी इधर सूरज फ्रंट शीशे से रेखा के बूब्स देख रहा था। हेलिना समझ जाती है की सूरज रेखा की चूचियाँ देख रहा है,हेलिना के चेहरे पर कुटिल मुस्कान तैर जाती है, हेलिना अपना एक हाँथ ले जाकर सूरज के पेंट पर रख कर लंड मसल देती है, सूरज घबरा जाता है और हेलिना को देखने लगता है, हेलिना एक आँख मारती हुई अपनी जांघे खोल कर दिखती हुई इशारा करती है, हेलिना पेंटी पहनी हुई थी, सूरज हेलिना की जांघे और पेंटी देख कर ललचा जाता है। हेलिना एक हाँथ अपनी पेंटी खिसका कर चूत दिखती हुई मुस्कराती है, सूरज का लंड झटके मारने लगता है। सूरज को डर था की कहीं माँ न देख ले इसलिए हेलिना को माँ की ओर इशारा करते हुए मना करता है । हेलिना चुपचाप गाडी चलाने लगती है । कुछ ही देर में दोनों बीच पर पहुँच जाते हैं । रेखा जैसे ही बीच पर लड़कियां और औरतो को ब्रा और पेंटी में देखती है तो हैरान रह जाती है ।

रेखा और सूरज जैसे ही बीच पर जाते हैं, रेखा हैरत भरी नज़रो से ब्रा पेंटी में नहाती लड़कियों को देख कर शर्म से पानी पानी हो रही थी। 
रेखा-"सूरज ये कैसी जगह है, तू मुझे यहाँ क्यूँ लाया है?" 
सूरज-"माँ यह समुद्री तट है,यहाँ लोग घूमने और मौज मस्ती करने आते हैं"
रेखा-' मुझे यहाँ बहुत शर्म आ रही है,यहाँ तो सभी लोग नंगे घूम रहें हैं, तू यहाँ से चल सूरज" 
सूरज-"माँ आपकी शर्म दूर करने ही तो यहाँ लाया हूँ, यहाँ का नज़ारा देखो आप,कैसे लोग पानी में मस्ती कर रहें हैं" सूरज रेखा को दूर ले जाता हैं,जहाँ पहाड़ थे,और सुनसान जगह थी, पहले तान्या को लेकर भी गया था। 
रेखा-" मुझे तो इन कपड़ो में शर्म आ रही है" सूरज एक बार फिर से रेखा को ऊपर से निचे तक देखता है।
सूरज-"माँ आप इन कपड़ो में बहुत हॉट लग रही हो,पापा देखते तो पीछे ही पड़ जाते आपके"सूरज हसते हुए बोला।
रेखा-" तेरे पापा को फुरसत ही कहाँ है मुझे देखने के लिए,हमेसा अपने बिजनेस में ही लगे रहते हैं" 
सूरज-'माँ आप फिकर मत करो,आज देखना पापा आपके पीछे पीछे भागेंगे" रेखा हैरत से सूरज को देखती है ।
रेखा-'ऐसा क्या करेगा तू?" 
सूरज-"आज में आपको बढ़िया सी नायटी दिलबाउंगा,और हॉट ड्रेस भी,फिर देखना आज पापा कैसे आपके पीछे पीछे भागेंगे"रेखा शर्मा जाती है।
रेखा-" ओह्ह्ह सूरज,तू कैसी बात करता है,तेरी बात सुनकर मुझे तो शर्म आती है,अपनी ही माँ को सलाह देता है"
सूरज-"अरे माँ,आप भूल गई डॉक्टर ने बोला था.....?" सूरज बोलते बोलते रुक गया, रेखा समझ जाती है सूरज सेक्स के लिए बोलने बाला था।
रेखा-"क्या बोला था तुझसे?" रेखा और सूरज रेतीले जगह पर बैठ जाते हैं, रेखा के बैठते ही कुरता ऊपर हो जाता है, सूरज की नज़र रेखा के झांघो के बीच चली जाती है, जहाँ लेगी चुस्त होने के कारण फूली हुई चूत का उभार दिखाई दे जाता है, सूरज लगातार चूत के उभार और आकृति को देखने लगता है ।
रेखा-"बोल न सूरज क्या बोला था डॉक्टर ने तुझसे" सूरज अपनी नज़रे हटाते हुए बोला।
सूरज-"डॉक्टर ने बोला था की आपकी नसों में पानी जम गया है,पानी निकलना बहुत जरुरी है"रेखा शर्मा जाती है । यह बात सुनकर रेखा की चूत गीली होने लगती है। 
रेखा-"हाँ बोला था डॉक्टर ने" रेखा शरमाती हुई बोली।
सूरज-'इसलिए माँ,पापा ही आपकी इस काम में मदद कर सकते हैं" रेखा फिर से शरमाती हुई देखती है, रेखा की चूत गीली होने से उसे सूरज से बात करने में बड़ा मजा आ रहा था,लेकिन शर्म भी बहुत आ रही थी ।
रेखा-"ह्म्म्म्म",
सूरज-'माँ क्या पापा ने अभी तक कुछ किया नहीं है" इस बार रेखा फिर से सूरज की खुली बाते सुनकर हैरान थी ।
रेखा-'ओह्ह्ह सूरज तू अपनी माँ से कैसी बात करता है,मुझे तो बहुत शर्म आ रही है"
सूरज-"माँ में इसलिए पूछ रहा हूँ,ताकि आपकी मदद कर सकूँ, बोलो न माँ कुछ किया है पापा ने"
रेखा-"अभी नहीं"रेखा शरमाती हुई बोली।
सूरज-"ओह्ह्ह माँ,आप इतनी खूबसूरत हो,पापा की जगह कोई और होता तो अब तक रोक पाना उसके लिए मुश्किल होता" रेखा हैरानी से सूरज की बात सुनती है, उसका अपना बेटा उसके बदन की खूबसूरती की तारीफ़ कर रहा था ।
रेखा-"ओह्ह्ह सूरज कैसी बात करता है तू,अपनी माँ के बारे में"
सूरज-"माँ सच कह रहा हूँ,अच्छा माँ एक बात पुछू?" रेखा को अंदर ही अंदर बहुत मजा भी आ रहा था ।
रेखा-"हाँ पूछ"
सूरज-" डॉक्टर ने आपको मालिस करने के लिए बोला था,क्या आप रोज करती हो मालिस"सूरज की बात सुनकर रेखा की चूत से पानी की बून्द टपक कर लेगी को भिगाने लगती है, सूरज भीगती लेगी को चूत बाले स्थान को देख रहा था।
रेखा-"हाँ करती हूँ सूरज"रेखा की बात सुन कर सूरज का लंड पेंट में झटके मारने लगता है।
सूरज-"पानी निकलता है अब" आज बिना ऊँगली किए ही रेखा की चूत बह रही थी,सूरज की बातें सुन कर ।
रेखा-"हाँ निकलता है"रेखा को समझ नहीं आ रहा था वो सूरज के हर सवाल का जवाब क्यूँ दे रही है, दोनों लोग बात ही कर रहे थे तभी हेलिना अपने कपडे उतार कर ब्रा पेंटी में सूरज और रेखा के पास आती है । और सूरज से नहाने के लिए बोलती है।सूरज तो हेलिना के ब्रा से बाहर निकलते बूब्स को देख रहा था कभी उसकी पेंटी को जिसमे सिर्फ चूत ही ढकी थी,मोटी और चौड़ी गांड साफ़ दिखाई दे रही थी, हेलिना और सूरज अंग्रेजी में बात करते है, इधर रेखा हेलिना के इस अधनंगे जिस्म को आँखे फाड़े देख शर्मा रही थी, तभी रेखा बोलती है।
रेखा-"तुम लोग अंग्रेजी में क्या बोल रहे हो मेरी कुछ समझ में नहीं आ रहा है",
सूरज-"माँ ये समुद्र में नहाने के लिए बोल रही है, आप अपने कपडे उतार कर नहा लो", सूरज अपनी पेंट और टीशर्ट उतारते हुए बोला।
रेखा-"नहीं तुम नहा लो, में नहीं नहाउंगी" 
सूरज-"अरे माँ आप उस पहाड़ के पीछे नहा लेना,कोई नहीं देखेगा"हेलिना भी बहुत कहती है तो रेखा मान जाती है, इधर रेखा सूरज के कच्छे में खड़े लंड को देख रही थी,सूरज भी समझ जाता है माँ क्या देख रही है, तभी हेलिना सूरज को लेकर पानी में कूद जाती है, दोनों लोग पानी में मस्ती करते देख रेखा को हेलिना से जलन होने लगती है, रेखा भी अपनी लेगी और कुरता उतार कर पहाड़ की आढ में नहाने घुस जाती है, पानी रेखा की गर्दन तक था, इधर हेलिना पानी में सूरज के लंड को बाहर निकाल कर हिलाने लगती है और अपनी पेंटी को उतार कर किनारे पर रख देती है। सूरज तो दो दिन का भूकास था,हेलिना और सूरज एक पहाड़ की चट्टान के पीछे जाकर हेलिना की चूत चाटने लगता है और हेलिना सूरज का लंड चूसने लगती है,काफी देर चूसने के बाद हेलिना सूरज को चट्टान पर लेटा कर उसके लंड पर बैठ कर चुदाई करने लगती है,इधर रेखा को सूरज और हेलिना दिखाई नहीं देते हैं तो वह चट्टान से निकल कर दूसरी चट्टान के पीछे देखती है तो हैरान रह जाती है, सूरज का मोटा लंड हेलिना की चूत में अंदर बाहर हो रहा था,रेखा हैरान थी की हेलिना की चूत में सूरज का इतना मोटा लंड कैसे घुस गया,सूरज अब हेलिना को घोड़ी बना कर चोद रहा था, रेखा यह देख कर बहुत गुस्से में थी,इधर उसकी चूत भी गीली हो गई, रेखा अपनी चूत में ऊँगली करने लगती है,सूरज ताबड़ तोड़ चुदाई करते हुए झड़ने बाला होता है तभी हेलिना सूरज के लंड को चूत से निकाल कर मुह में लेकर हिलाने लगती है,रेखा की उंगलिया तेजी से चूत में चलने लगती है,सूरज का मोटा लंबा लंड और उसका लाल सुपाड़ा देख आज पहली बार रेखा आकर्षित हुई थी, इधर जैसे ही सूरज के लंड से पानी निकलता है,तभी उसे रेखा की सिसकी सुनाई देती है, सूरज और रेखा की नज़रे आपस में टकरा जाती हैं, रेखा भी झड़ने लगती है,इधर सूरज के झड़ते ही हेलिना सारा पानी चाट लेती है, रेखा शर्म से भाग कर छुप जाती है और अपने कपडे पहन लेती है। सूरज भी पानी से निकल कर अपने कपडे पहन कर रेखा के पास आता है, रेखा के हाँथ में भीगी हुई ब्रा और पेंटी थी । सूरज और रेखा आपस में नज़रे नहीं मिला पा रहे थे।
सूरज-"माँ अब चलें?" रेखा सिर्फ हाँ में गर्दन हिलाती हुई सूरज के साथ चल देती है और गाडी में बैठ कर एक मॉल में आ जाते हैं। रेखा के दिमाग में अभी भी सूरज और हेलिना की चुदाई घूम रही थी।
दोनों आपस में बात करने में भी शर्मा रहे थे,इस बीच कई बार सूरज रेखा को देखता तो रेखा सूरज को देखती । हेलिना और रेखा दोनों लोग मॉल में आकर शार्ट नायटी की शॉप में जाकर हॉट सी नायटी खरीद लेती है। और बहुत से हॉट कपडे,जिसमे स्कर्ट और जीन्स भी थी । रेखा एक ब्रा पेंटी की लेटेस्ट जोड़ी खरीदती है, जिसे सूरज सिर्फ खड़ा देख रहा था । हेलिना ने जानबूझ कर सभी हॉट ड्रेस दिलबाई । सूरज तो बस मन ही मन कल्पना कर रहा था की माँ इन कपड़ो में कैसी लगेगी। रेखा और हेलिना सूरज के पास आती है।
रेखा-"सूरज मेरी खरीदारी हो गई, तुझे कुछ लेना है"पहली बार रेखा सामान्य व्यबहार करते हुए बोली जिससे सूरज की हिम्मत बढ़ गई ।
सूरज-"नहीं माँ,मुझे कुछ नहीं लेना है, आप लेलो" 
रेखा-"मैंने जो कपडे लिए हैं वो ठीक तो है न"
सूरज-'हाँ माँ ठीक है" हेलिना गाडी के पास चली जाती है । तभी सूरज रेखा से माफ़ी मांगने लगता है।
सूरज-' माँ मुझे माफ़ कर दो" 
रेखा-"ऐसे माफ़ नहीं करुँगी,पहले घर चल मुझे तुझसे बात करनी है" रेखा की बात सुन कर सूरज डर जाता है । दोनों लोग घर के लिए निकल जाते हैं। रेखा गाडी से उतर कर घर में घुसने लगती है,सूरज जैसे ही उतरता है उसे गाड़ी में रेखा की गीली ब्रा और पेंटी दिखाई देती है, सूरज ब्रा और पेंटी को उठाकर घर में घुसता है । रेखा अपने कमरे में जा चुकी थी । सूरज पेंटी को देखने लगता है जिसमें रेखा का सफ़ेद पानी लगा हुआ था, सूरज समझ जाता है माँ भी आज झड़ गई है और इसी पेंटी से चूत को साफ़ किया है, सूरज का लंड खड़ा हो जाता है, सूरज रेखा के कामरस को सूंघने लगता है,खुशबु सूंघते ही सूरज का लंड झटके मारने लगता है, एक हाँथ से अपना लंड मसलता है और पेंटी को सूंघता है, सूरज का मन पेंटी पर लगे कामरस को चाटने का करता है, इधर रेखा को अपनी गीली ब्रा पेंटी की याद आती है जो गाडी में भूल आई थी उन्हें लेने के लिए जैसे ही कमरे से 
निकलती है उसे सूरज दिखाई दे जाता है जो उसकी पेंटी को सूंघ कर अपना लंड मसल रहा था,रेखा ये देख कर चोंक जाती है, उसकी चूत गीली होने लगती है, रेखा छुप कर देख रही थी, तभी उसे झटका लगता है जब सूरज उसकी पेंटी पर लगे कामरस को चाटने लगता है । रेखा के होश उड़ जाते है । रेखा की उत्तेजना बढ़ने लगती है । सूरज पेंटी को चाटने के बाद रेखा के कमरे में जाने लगता है तभी रेखा जल्दी से अपने कमरे में जाकर सोफे पर बैठ जाती है । सूरज के आते ही रेखा खड़ी हो जाती है, सूरज के हाँथ में उसकी ब्रा पेंटी थी।
सूरज-"माँ आपकी ब्रा पेंटी गाडी में रह गई थी"ब्रा पेंटी देते हुए बोला ।
रेखा-"ओह्ह हाँ में तो भूल ही गई" सूरज ब्रा पेंटी देकर जाने लगता है,तभी रेखा बोलती है ।
रेखा-"जा कहाँ रहा है, मुझे तुझसे कुछ बात करनी है", सूरज पलट कर रेखा के पास आता है।
सूरज-"ओह्ह माँ सॉरी आज जो भी आपने देखा उसके लिए" 
रेखा-"कबसे चल रहा है ये"
सूरज-"पिछली बार जब तान्या दीदी के साथ आया था तब से"
रेखा-'ओह्ह अच्छा,तू पहले भी उसके साथ कर चूका है"
सूरज-"हाँ माँ"
रेखा-"अब तक कितने बार किया है उसके साथ"
सूरज-'तीन चार बार"रेखा यह सुन कर हैरान रह जाती है।
रेखा-'वो तेरी माँ की उम्र की है,तुझे शर्म नहीं आई"
सूरज-"इसमें उम्र नहीं देखि जाती है"
रेखा-"मतलब तू किसी के साथ भी सेक्स कर सकता है"पहली बार रेखा सेक्स शब्द जोड़ती है।
सूरज-"सबके साथ नहीं माँ"
रेखा-" चल कोई बात नहीं, हवस के आगे लोग अंधे हो जाते हैं"
सूरज-"माँ यह हवस की आग ही ऐसी होती है, इस पर किसी का जोर नहीं होता"
रेखा-"ओह्ह्ह तुझे तो बहुत ज्ञान है इन बातो का, कितनो के साथ तूने सेक्स किया है अब तक"
सूरज-"तीन चार के साथ"रेखा यह सुनकर हैरान थी चुकी उसने तो सिर्फ अपने पति से ही चुदवाया था।
रेखा-"ओह्ह्हो तुझे कैसे बर्दास्त कर लेती है लड़कियां" रेखा अब सामान्य होकर हसते हुए बोली।
सूरज-"समझा नही माँ" इस बार रेखा सूरज से थोडा खुल कर बोली।
रेखा-"तेरा बहुत बड़ा साइज़ है,दर्द नहीं होता"रेखा शरमाते हुए बोली,लेकिन सूरज इस बार रेखा को हैरत से देखता है ।
सूरज-"पहली बार में दर्द होता है फिर नहीं" 
रेखा-'मुझे तो इसी बात की टेंसन है,में दर्द बर्दास्त नहीं कर पाउंगी,अगर तेरे पापा ने कुछ किया तो" 
सूरज-"माँ आप उसकी फ़िक्र मत करो,मेरे पास एक क्रीम है उसको लगा कर सेक्स करना" रेखा चोंकती हुई बोली।
रेखा-'सच में,फिर तो वो क्रीम मुझे दे देना"
Reply
12-25-2018, 12:17 AM,
#62
RE: Antarvasna Sex kahani जीवन एक संघर्ष है
सूरज-"ठीक है माँ,आज पापा के आने से पहले आप वो सेक्सी हॉट नायटी पहन लेना,पापा आज आपको देख कर खुश हो जाएंगे'
रेखा-"और अगर नहीं हुए तो,अब तक तो कुछ किया नहीं उन्होंने'रेखा चिंतित होते हुए बोली।
सूरज-"अगर नहीं हुए तो आप उनसे उम्मीद छोड़ देना" रेखा यह सुन कर मायूस हो जाती है।
रेखा-"हम्म तू ठीक बोलता है सूरज"
सूरज-"माँ आप परेसान मत हो,मेंरे पास एक उपाय है" रेखा चोंक जाती है।
रेखा-"क्या उपाय है?"
सूरज-"माँ एक रबड़ का पेनिस आता है वो में आपको ले आऊंगा,उससे आप कर लिया करना"
रेखा-" ये पेनिस क्या होता है?"अब सूरज शर्म की बजह से चुप हो जाता है ।
रेखा-"बोल न क्या होता है ये रबड़ का पेनिस,अब शर्मा क्यूँ रहा है,सब कुछ तो देख लिया और बात भी कर ली"
सूरज का हौशला बढ़ जाता है ।
सूरज-"पेनिस लंड को बोलते हैं,में रबड़ का पेनिस ले आऊंगा",रेखा यह सुन कर शर्म से लाल हो जाती है।
रेखा-'रबड़ का भी लंड...सॉरी पेनिस आता है?"रेखा चोंक जाती है चुकी आज से पहले उसने न तो देखा है और न सुना है। रेखा गर्म होती जा रही थी।
सूरज-'हाँ माँ"
रेखा-"ठीक है पहले मुझे ला कर दिखा,अब तू जा में नहा लू"
सूरज-"माँ नहाओगी या कुछ और करोगी"सूरज रेखा को छेड़ते हुए हस कर बोला। रेखा शर्मा जाती है।
रेखा-"और कुछ क्या?"
सूरज-"मालिस"रेखा शर्मा जाती है।
रेखा-"नहीं सिर्फ नहाउंगी"सूरज कमरे से निकल कर बाहर मेडिकल शॉप से एक छोटा सा डिडलो लाकर अपने कमरे में रख लेता है। इधर रेखा भी आज की घटना सोचते सोचते सो जाती है और 
सूरज भी बेड पर लेट कर रेखा केबारे में सोचने लगता है । सोचते सोचते सो जाता है ।
रात के 9 बजे आँख खुलती है सूरज की ।

रात के 9 बजे सूरज की आँख रेखा के जगाने पर खुलती है।
रेखा-'सूरज बेटा उठ जा तेरे पापा आने वाले हैं" सूरज उठ जाता है ।
सूरज-"पापा अभी तक आए नहीं माँ'
रेखा-"अभी नहीं बस आने वाले हैं"रेखा के चेहरे पर कामवासना की उत्तेजना और शर्म दोनों थी।
सूरज-" पापा के आने से पहले आप शार्ट बाली नायटी पहन लो" 
रेखा-'पहन तो लूंगी, लेकिन घबराहट सी हो रही है, आज से पहले शार्ट कपडे कभी नहीं पहने"
सूरज-"ओह्ह्ह माँ,पापा को आप आकर्षित करना चाहती हो या नहीं?"
रेखा-"हाँ करना चाहती हूँ"
सूरज-"तो आप जल्दी से नायटी पहन लो" रेखा कमरे से जाने लगती है।
सूरज-"सुनो माँ"
रेखा-"हाँ बोल"
सूरज-"अंदर ब्रा और पेंटी मत पहनना" रेखा शर्मा जाती है ।
रेखा-"धत् कैसा बेटा है तू" रेखा शरमाती हुई अपने कमरे में जाकर मेक्सी उतार कर नंगी हो जाती है,अंदर ब्रा पेंटी नहीं पहनी थी रेखा। जैसे शीशे के सामने जाती है तो अपनी कोमल और हलके बालो से सजी चूत को सहलाने लगती है,सहलाते ही अपनी चूत पर दो चपत लगाती है ।
रेखा-"(मन में) रेखा अपनी चूत पर चपत लगाती हुई बोली, फ़िक्र मत कर आज तुझे तेरा हमसफ़र मिलेगा,आज तू शुहागिन बनेगी,और पूरी रात ठुकेगी,बहुत रोती है न तू लंड के लिए,आज मेरे पतिदेव तेरी 22 साल की कसक निकाल देंगे"रेखा कामुक मुस्कान के साथ अपनी हॉट ब्रा पहनती है जिसमे जिसमे सिर्फ निप्पल ही ढके हुए थे,उसके बाद पेंटी जिसमे आगे जाली थी,चूत पूरी तरह से दिखाई दे रही थी। रेखा ब्रा पेंटी ही पहन पाई थी तभी उसे बीपी सिंह की आवाज़ सुनाई देती है।
बीपी सिंह-'वाह्ह्ह्ह् रेखा आज तो क़यामत लग रही हो"रेखा पलट कर दरबाजे पर देख कर शर्मा जाती है सामने बीपी सिंह खड़ा था। रेखा जल्दी से नायटी पहन लेती है जो उसकी गांड को ही ढक पा रही थी,और ऊपर आधे से ज्यादा बूब्स दिखाई दे रहे थे और ब्रा भी ।
रेखा-"अरे आप कब आए जी" रेखा शरमाती हुई बोली।
बीपी सिंह-"बस आकर खड़ा हुआ हूँ,कपडे बहुत अच्छे लाइ हो,इन कपड़ो में तुम बहुत सुन्दर लग रही हो,अगर में जवान होता तो अभी शुहागरात मना लेता" रेखा अपने पति की इस बात को सुनकर शंशय में पड़ जाती है की यदि वो जवान होता तो अभी शुहागरात मना लेता।
रेखा-'किसने कहा आप अभी जवान नहीं हो"रेखा जानबूझ कर अपने पति को उकसाती है जवानी का बास्ता देकर ।
बीपी सिंह-" अब क्या बताऊ तुम्हे रेखा,देखने से तो में जवान लगता हूँ लेकिन मेरी पुरुष शक्ति बीमारी के कारण नष्ट हो गई' रेखा सुन कर चोंक जाती है,उसके अरमानो पर पानी फिरता दिखाई दे रहा था उसे ।
रेखा-"मतलब नहीं समझी"
बीपी सिंह-"मेरी बन्दुक किसी काम की नही है"बीपी सिंह अपने लंड की तरफ इशारा करते हुए बोला तो रेखा के होश ही उड़ जाते हैं।
रेखा-"आपने इलाज नहीं करवाया?"
बीपी सिंह-"क्या करता इलाज करवा कर,मुझे सेक्स में कोई रूचि भी नहीं रही" बेचारी रेखा को ऐसा लगा जैसे उसका घर ही उजड़ गया हो।
रेखा-'कोई बात नहीं"बेचारी रूखे मन से अपनी प्रवल इच्छाओ की बली चढ़ती देख उसे बहुत गहरा धक्का सा लगा था।
बीपी सिंह-"अरे हाँ रेखा,मुझे अभी आस्ट्रेलिया जाना है, मेरी फ्लाइट एक घंटे बाद है,में खाना खा कर निकलता हूँ,तुम अपना ध्यान रखना" बेचारी रेखा तो शोक में खड़ी थी,सिर्फ "हाँ ठीक है"इतना ही बोल पाई, आज शुहागन होते हुए भी ऐसा लग रहा था जैसे विधवा हो गई हो। बीपी सिंह और रेखा डायनिंग टेवल पर जाकर खाना खाते हैं।
एक घंटे बाद बीपी सिंह जाने लगता है।
बीपी सिंह-"रेखा ध्यान रखना अपना,में तीन चार दिन में आ जाऊँगा"
रेखा-"जी ठीक है",बीपी सिंह रेखा को गले लगा कर निकल जाता है। रात के 11 बज चुके थे। रेखा का अब इस घर में मन नहीं लग रहा था। वो सूरज के कमरे में जाती है लेकिन सूरज उसे दिखाई नहीं देता है। रेखा समझ जाती है वो छत पर होगा,रेखा ऊपर जाती है । सूरज अकेला बैठा सड़क पर आते जाते लोगो को देख रहा था। रेखा सूरज के पास आकर खड़ी हो जाती है ।जैसे ही सूरज रेखा को देखता है तो उछल जाता है।
सूरज-"अरे माँ आप,क्या बात है थकी थकी सी लग रही हो,लगता है पापा ने आज बहुत मेहनत की है" सूरज रेखा के मायूस चेहरे को देख कर बोला,उसे क्या पता थी उसकी दुनिया और सारे सपने उजड़ गए हैं उसी के शोक और वियोग में खड़ी है। सूरज की नज़र रेखा की नायटी पर जाती है जिसमे उसके आधे से ज्यादा बूब्स और थोड़ी सी गांड दिखाई दे जाती है । सूरज लोअर पहना हुआ था जिसमे उसका लंड खड़ा हो जाता है।
सूरज-"माँ आप इस नायटी में बहुत हॉट और सेक्सी लग रही हो,पापा के होश उड़ गए होंगे,बोलो न माँ कितनी बार किया पापा ने" इस बार रेखा अपने वियोग से निकल कर बोलती है।
रेखा-"तेरे पापा नपुसंक है"यह सुनकर सूरज हैरान रह जाता है।
सूरज-"क्या पापा नपुसंक है,आपने देखा उनका पेनिस"
रेखा-"क्या करती देख कर,जब उन्होंने बोल ही दिया उनकी बन्दुक अब किसी का एनकाउंटर नहीं कर सकती है" सूरज को बहुत दुःख होता है। रेखा की आँख से आंसू निकलने लगते हैं।सूरज रेखा को गले लगा लेता है, रेखा सूरज से लिपट जाती है और रोने लगती है, सूरज रेखा को चुप करवाता है,इधर गले लगने से सूरज का लंड फिर से रेखा की चूत पर टकराता है, रेखा सिहर जाती है। काफी देर तक सूरज रेखा को शांत करवाता है ।
सूरज-"माँ आप परेसान मत हो, में आपके लिए डिडलो ले आया हूँ,उससे आप अपना काम चला सकती हो" 
रेखा-"अब ये डिडलो क्या है?"
सूरज-'रबड़ का लंड" रेखा शर्मा जाती है।
रेखा-"कैसा होता है एक बार दिखा"
सूरज-"मेरे कमरे में रखा है चलो" सूरज रेखा को लेकर कमरे में जाता है,कमरे की लाइट जलाते ही सूरज रेखा की सेक्सी नायटी को देखने लगता है। रेखा के उरोज का आकार देख कर सूरज का मन उन्हें चूमने का करता है। फिर सूरज की नज़रे रेखा की जांघो पर जाती है जो दूधिया सफ़ेद मोटी मोटी चमक रही थी, रेखा की नायटी में उसकी चौड़ी गांड उसके बदन को और ज्यादा आकर्षण बना रही थी, सूरज के इस तरह देखने से रेखा मन ही मन शर्मा जाती है तभी उसे सूरज के लोअर में खड़ा लंड दिखाई देता है,रेखा की चूत गीली होने लगती है।
रेखा-"क्या देख रहा है सूरज"सूरज एक दम होश में आता है ।
सूरज-"माँ आप कितनी खुबसुरत हो,और हॉट"
रेखा-"हाँ मुझे पता है में हॉट हूँ"रेखा मुस्करा कर बोली।
सूरज-"कैसे पता चला माँ" 
रेखा-"तेरे उसको जो हमेसा खड़ा ही रहता है"रेखा सूरज के लोअर में बने तम्बू की ओर इशारा करते हुए बोली, सूरज का लंड झटका मारता है,जैसे माँ को सलामी दे रहा हो।
सूरज-'मैंने कहा था न माँ,आप हो ही इतनी हॉट किसी का भी खड़ा हो जाएगा आपको देख कर" 
रेखा-"जिनका खड़ा होना चाहिए उनका तो हुआ नहीं,दुसरो के खड़ा होने से मुझे क्या फायदा" 
सूरज-"हाँ माँ ये बात तो ठीक है, आप खड़ी क्यूँ हो बैठ जाओ न" रेखा जैसे ही सोफे पर बैठी सूरज को रेखा की लाल जालीदार पेंटी दिखाई दे जाती है जिसमे रेखा की काली झांटे उभर रही थी,और पेंटी भी भीगी हुई थी, सूरज का लंड बाहर आने के लिए मचल जाता है,सूरज का मन कर रहा था माँ की चूत को चाट ले । रेखा समझ जाती है सूरज उसकी पेंटी देख रहा है रेखा नायटी से पेंटी को ढक लेती है। सूरज अपना लंड हाँथ से मसल देता है ।रेखा की चूत भी अब तक फड़कने लगी थी।
रेखा-'सूरज अब दे दे मुझे वो"
सूरज-"क्या?"
रेखा-'रबड़ का...' रेखा लंड बोल नहीं पा रही थी शर्म से।
सूरज-"रबड़ का क्या माँ",सूरज जानबूझ कर रेखा को छेड़ते हुए बोला।
रेखा-"तू जानता है,परेसान मत कर दे दे मुझे"रेखा अपने कमरे में जाकर अपनी भड़कती चूत की प्यास बुझाना चाहती थी ।
सूरज-'एक बार बोलो तो माँ, आपके मुह से सुनना चाहता हु" 
रेखा-" तू मुझे बेशरम बना कर छोड़ेगा सूरज, रबड़ का लंड दे दे" 
सूरज-" रबड़ का लंड, किसमें दू माँ" रेखा शर्मा जाती है,सूरज रेखा की चूत की ओर देखते हुए बोला।
रेखा-"मेरे हाँथ में दे,और तू किसमें देंना चाहता है" रेखा भी सूरज को छेड़ते हुए बोली।
सूरज-'जहां घुसाया जाता है वहां"यह सुनकर रेखा की चूत फड़कने लगती है और कामरस की बुँद भी टपक जाती है, रेखा नायटी के ऊपर से ही अपनी चूत मसल देती है ।
रेखा-" कहाँ" रेखा सिसकी लेते बोली,रेखा की चूत में खलबली मची थी,उसे भी मजा आने लगा था।
सूरज-" चूत में" यह सुनकर रेखा के रोंगटे खड़े हो गए,सूरज ने पहली बार अपनी माँ की चूत की ओर इशारा करते हुए चूत शब्द का शम्बोधन किया था।
रेखा-"ओह्ह्ह कितना बत्तमीज हो गया है तू,इतने गंदे शब्द भी बोलता है तू,कोई बेटा अपनी माँ के सामने ऐसा बोलता है क्या"
सूरज-"माँ इसे चूत न बोलू तो क्या बोलू,जब उसका नाम ही यही है तो बोलना तो पड़ेगा ही" रेखा की चूत में सरसराहट होने लगती है काम उत्तेजना बढ़ने लगती है,चूत को पुन मसलती है।
रेखा-"अब जल्दी से मुझे बो लंड दे दे"रेखा भी खुल कर बोली इस बार ।लेकिन सूरज की नज़र तो रेखा की जांघो पर थी।
सूरज-"माँ आप अपनी चूत क्यूँ मसल रही हो,कोई परेसानी है क्या?"रेखा को झटके पर झटके लग रहे थे।
रेखा-"कोई परेसानी नहीं है सूरज,तू बस आप बो रबड़ का लंड दे दे,मुझे वो करना है"रेखा चूत की आग में जल रही थी ।
सूरज रबड़ का लंड अलमारी से निकाल कर रेखा के पास सोफे पर बैठ जाता है, रेखा डिडलो को देख कर चोंक जाती है बिलकुल हु-ब-,हु लंड की तरह था जो 5 इंच और ढाई इंच मोटा था। रेखा हाँथ में लेकर लंड को सहलाती है उसे महसूस करती है।
रेखा-"यह तो बहुत बड़ा है सूरज,इससे तो मेरी जान निकल जाएगी'
सूरज-"अरे माँ ये लंड तो मेरे लंड से बहुत छोटा है,ये तो आराम से घुस जाएगा" 
रेखा-"मुझे तो ये तेरे बराबर ही लग रहा है और तू इसे छोटा बोल रहा है,पिछली बार गाँव में जब तेरा लंड गलती से मेरी चूत में घुसा था तब मेरे अंदर छाले पड़ गए थे,इसे में नहीं घुसा पाउंगी सूरज"
सूरज-"अरे माँ मेरे पास तेल भी है उससे ये आराम से चला जाएगा,ये वास्तव में मेरे लंड से बहुत छोटा है" 
रेखा-'में नहीं मानती हूँ ये छोटा है",रेखा अब जानबूझ कर उकसा रही थी सूरज को ताकि सूरज अपना लंड दिखा दे। सूरज भी इसी पल के इंतज़ार में था सूरज अपना लोअर उतार कर लंड को आज़ाद कर देता है, रेखा सूरज के लंड को आँखे फाड़े देख रही थी, लंड का लाल सुपाड़ा देख कर रेखा के मुह में पानी आने लगता है। सूरज का लंड विकराल रूप से खड़ा था ।
सूरज-'देखो माँ मेरा लंड और ये डिडलो" सूरज दोनों की लंबाई नापते हुए बोला।
रेखा-"डिडलो थोडा ही छोटा है"
सूरज-"माँ अपने हाँथ से नाप के देखो" रेखा अपने कपकपाते हांथो से डिडलो और सूरज के लंड को नापती है ।जैसे ही रेखा का हाँथ सूरज के लंड से स्पर्श होता है सूरज का लंड झटका मारने लगता है।रेखा की चूत बहने लगती है ।
सूरज-"माँ अब मेरा लंड पकड़ कर इसकी मोटाई देखो और डिडलो की", रेखा इसी बात का इंतज़ार कर रही थी तुरंत सूरज का लंड पकड़ कर मुट्ठी में लेती है सूरज का लंड फड़फड़ाने लगता है ।
रेखा-"ये तो झटके मार रहा है" रेखा लंड को सहलाती हुई बोली।
सूरज-"इसको शांत करना पड़ेगा"
रेखा-"कैसे शांत करता है इसे"
सूरज-"चूत में डालकर"
रेखा-"आज ही तो तूने हेलिना के साथ सेक्स किया था,अब फिर से इसे चाहिए'
सूरज-"इसने आपकी पेंटी में चूत की झलक देख ली है माँ,अब ये मुझे पूरी रात परेसान करेगा" सूरज रेखा की पेंटी देख रहा था जिसमें उसकी चूत झलक रही थी।
रेखा-'बड़ा बत्तमीज है तेरा लंड अपनी माँ की चूत देख कर भड़क गया,इसकी पिटाई लगा दूंगी"
सूरज-" माँ एक बार मुझे अपनी पेंटी और ब्रा में जिस्म दिखा दो"
रेखा-"क्या करेगा देख कर'
सूरज-'आपके जिस्म को देख कर मुठ मारूँगा" 
रेखा-"नहीं यह गलत है,में चली अपने कमरे में,मुझे भी डिडलो करना है,तू अपना हाँथ से हिला ले"रेखा हँसती हुई, डिडलो लेकर कमरे में भाग जाती है। सूरज बेचारा देखता रह गया।

रेखा अपने कमरे में आते ही नायटी उतार देती है। बेड पर लेट कर अपनी पेंटी को टांगो से आज़ाद करके डिडलो पर तेल लगा कर चूत में प्रवेश करती है। बहुत देर से उसकी चूत फड़क रही थी, डिडलो थोडा सा ही अंदर जाता है,रेखा सिसक पड़ती है,अपनी दोनों टांगो को फैला कर डिडलो को पूरा घुसेड़ना का प्रयत्न करती है। रेखा की साँसे और धड़कन तेजी से चलने लगती है उत्तेजना के मारे रेखा पूरा डिडलो चूत में जाते ही जोर से चीखती है।
रेखा को हल्का सा दर्द होता है लेकिन तेल की चिकनाई के कारण अब आराम से अंदर बाहर होने लगता है। जीवन के 22 साल बाद उसे सम्भोग का सुख रबड़ के लंड से मिल तो रहा था लेकिन पूर्ण संतुष्टि नहीं ।
रेखा डिडलो को तेजी से चूत में चलाने लगती है और कुछ देर बाद ही झड़ जाती है। 
रेखा झड़ने के पश्चात सूरज की ही कल्पना करती है। ऐसा लग था था जैसे सूरज उसकी चूत मार रहा है । रेखा झड़ने के बाद फिर से डिडलो को चूत में चलाने लगती है और कुछ देर बाद फिर से झड़ जाती है । अब रेखा के शारीर में जान नहीं थी इसलिए सो गई ।
इधर सूरज भी मुठ मार कर सो गया ।
सुबज 9 बजे सूरज की आँख खुली फ्रेस होकर निचे गया । रेखा उसे दिखाई नहीं दी। सूरज रेखा के कमरे में गया लेकिन रेखा उसे वहां भी दिखाई नहीं दी तभी बाथरूम से पानी गिरने की आवाज़ आई।
सूरज बेड पर बैठ गया तभी उसे तकिया के पास डिडलो दिखाई दिया। सूरज उसे उठाकर देखने लगा । रेखा की चूत का पानी उस पर लगा हुआ था जैसे अभी उसने चूत में डाला हो। सूरज ऊँगली से कामरस लेकर चाटने लगता है तभी रेखा सेक्सी नायटी पहन कर बाथरूम से निकलती है और सूरज को कामरस चाटते हुए देखती है ।
रेखा-',सूरज ये क्या कर रहा है? सूरज पलट कर रेखा को देखता है,रेखा नायटी में ब्रा नहीं पहनी थी इसलिए उसके बूब्स आधे से ज्यादा दिखाई दे रहे थे और बालो से पानी टपक रहा था । रेखा बहुत सेक्सी लग रही थी ।
सूरज-"माँ इस पर सफ़ेद दूध जैसी मलाई लगी हुई है उसे चाट रहा हूँ",
रेखा-"छोड़ उसे वो मलाई नहीं है" रेखा डिडलो छीन लेती है ।
सूरज-"फिर क्या है माँ,बहुत स्वादिष्ट है" रेखा की चूत में चीटिया रेंगने लगती है ।
रेखा-"मेरा सफ़ेद पानी है"
सूरज-"आपका सफ़ेद पानी ये आपकी चूत से निकला हुआ पानी है क्या" रेखा की चूत गीली होने लगती है।
रेखा-"हाँ " रेखा शर्मा जाती है। और सोफे पर बैठ जाती है । रेखा भूल जाती है उसने पेंटी नहीं पहनी है,सूरज रेखा की चूत देख लेता है। जिस पर हलके काले बाल थे,रेखा की चूत की क्लिट दिखाई देती हैं जो दरबाजे की तरह खुल चुकी थी। ऐसा लग रहा था जैसे गुलाब की दो पंखुडी हो। रेखा की चूत से रस निकल रहा था,जिससे उसकी चूत चमक रही थी।
सूरज-" माँ कितने बार आपने डिडलो से सेक्स किया" 
रेखा-"तीन बार"सूरज का लंड झटके मारने लगता है ।
सूरज-"ओह्ह्ह माँ पूरा घुस गया ये आपकी चूत में",सूरज अपना लंड मसलते हुए रेखा की चूत की ओर इशारा करते हुए बोला।
रेखा-"हाँ पूरा घुस गया" रेखा भी उत्तेजित हो जाती है। 
सूरज-"माँ आपकी चूत पे बाल उग आए हैं,साफ़ नहीं की आपने"
रेखा-'तूने कब देख ली मेरी चूत"
सूरज-"में तो अभी देख रहा हूँ आपकी चूत"रेखा तुरंत झुक कर अपनी चूत देखती है जो सूरज को साफ़ दिखाई दे रही थी।
रेखा-"ओह्ह्ह में पेंटी पहनना भूल गई,तू बहुत बत्तमीज है बड़े आराम से अपनी माँ की चूत देख रहा है" रेखा सोफे से उठ कर खड़ी हो जाती है।
सूरज-"माँ देखने दो न,आपकी चूत बाकई में बहुत अच्छी है मेरा मन कर रहा है आपकी चूत में जीव्ह डालकर सारा पानी चाट जाऊं" रेखा यह सुनकर हैरान रह जाती है ।
रेखा-'धत् ये भी कोई चाटने की चीज है कितना गन्दा है तू,रुक में पेंटी पहन लू"रेखा बॉथरूम जाने बाली थी।
सूरज रेखा का हाँथ पकड़ कर बेड पर बैठा देता है।
सूरज-"रहने दो न माँ,ऐसे ही अच्छी लगती हो"
रेखा-" तुझे तो हेलिना बहुत पसंद है,उसी की चूत देख"
सूरज-"अरे माँ कहाँ हेलिना और कहाँ आप,आप उसे लाख गुना अच्छी हो"
रेखा-"झूठी तारीफ़ न कर मेरी"
सूरज-'सच में माँ,मन करता है आपको बहुत प्यार करू"सूरज रेखा के गालो को चूमता है रेखा सिहर जाती है चूत में खलबली मच जाती है ।सूरज रेखा को दोनों हांथो से अपनी ओर खिसका लेता है ।
सूरज-'माँ डिडलो को चूत में डाल दू"सूरज डिडलो को पकड़ कर रेखा की झांघो पर फिराता है और चूत के पास ले जाता है,मेक्सी को ऊपर उठाने बाला होता है तभी रेखा सूरज का हाँथ पकड़ लेती है ।
रेखा-"मत कर सूरज,में अपने आपको रोक नहीं पाउंगी,सेक्स की आग में जल रही हूँ" सूरज रेखा को झुका कर बेड पर लेटा कर उसके ऊपर लेट जाता है ।
सूरज-"में हूँ न माँ,आपकी आग शांत कर दूंगा",सूरज रेखा के होंठो पर अपने होंठ रख देता है। सूरज जंगली की तरह रेखा के चेहरे को चूमता हुआ होंठो को चूसने लगता है, रेखा भी अब सूरज का साथ देने लगती है सूरज और रेखा एक दूसरे के मुह में जीव्ह डालकर चाटते है ।सूरज रेखा के होंठ चूसने के बाद गर्दन पर चूमने लगता है रेखा सिसक जाती है । बिना विरोध के सूरज का साथ देती है। सूरज रेखा को उठा कर नायटी से आज़ाद कर देता है रेखा के 40 साइज़ के बड़े पपीते जैसे बूब्स को सूरज चूसने लगता है निप्पल को होंठो से काटने लगता है ।
दोनों बूब्स को मसल कर निप्पल काटने लगता है रेखा की चूत बहने लगती है ।
रेखा-'आःह्ह्हूफ्फ्फ्फाह्ह्ह्ह् आह्ह्ह दर्द होता है आराम से बेटा" सूरज दोनों बूब्स बारी बारी चूसता है और फिर रेखा के पेट को चूमते हुए अपनी जीव्ह नाभि में डाल देता है रेखा सिसक जाती है और गांड उठा कर तड़पने लगती है ।
सूरज नाभि से जीव्ह निकाल कर रेखा की चूत को गोर से देखता है रेखा की चूत सिकुड़ती है तो कभी खुलती है । रेखा शर्मा रही थी । सूरज रेखा की टाँगे फेला कर चूत को सूंघता है फिर अपनी जीव्ह से चूत चाटने लगता है । रेखा तड़प जाती है आज से पहले उसकी चूत किसी ने नहीं चाटी थी ।
रेखा-'सूरज यह क्या कर रहा है,वो जगह गन्दी होती है अपनी जीव्ह हटा बहा से आह्ह्ह्हूफ्फ्ग्ग्ग्गह्ह्ह्ह्" रेखा तड़पते हुए बोली।
सूरज-"माँ सबसे स्वादिष्ट तो आपकी चूत ही है आज चाट लेने दो माँ" सुरज चूत में जीव्ह घुसेड़ देता है । रेखा को ऐसा लगा जैसे लंड घुसा हो ।
रेखा-'आह्ह्हूफ्फ्ग्ग्ग सूरज में झड़ जाउंगी" सूरज चूत का सारा पानी चाट कर जीव्ह निकाल देता है ।
सूरज-'माँ आपकी गांड बहुत अच्छी लगती है,इतनी मोटी गांड मैंने आज तक नहीं देखी, पीछे घुमो मुझे किस्स करनी है आपकी गांड की" रेखा पीछे घूम जाती है सूरज रेखा की गांड पर तमाचे मारता है और फिर मसलने लगता है ।
सूरज रेखा की गांड पर किस्सों की बरसात कर देता है।
रेखा-"सूरज अब ओर बर्दास्त नहीं होता बेटा, मेरी चूत में आग लगी हुई है" सूरज रेखा को चित लेटा कर डिडलो उठाता है, रेखा सूरज का हाँथ पकड़ लेती है ।
रेखा-'इससे नहीं सूरज,अपने लंड से कर"सूरज की तो मनोकामना ही पूरी हो गई थी सूरज अपनी टीशर्ट और लोअर उतार कर नंगा हो जाता है ।
रेखा की चूत पर एक किस्स करके अपना लंड चूत में घुसाता है, टोपा ही घुस पाया था रेखा दर्द से सिसकारी भर्ती है। सूरज आराम आराम घुसाता है।
रेखा-"तेल लगा कर घुसा सूरज"सूरज मेज पर राखी तेल की सीसी से तेल निकाल कर अपने लंड पर मलता है। सुरज का लंड तेल लगाने से चमकने लगता है । सूरज रेखा की टांगो को फेला कर अपना लंड चूत में प्रवेश करता है । आधा लंड घुसते ही रेखा तड़प उठती है । सूरज एक दूसरा झटका मारता है इस बार पूरा लंड रेखा की चूत में घुस जाता है ।
रेखा-"आःह्हूफ्ग्ग्ग सूरज कितना मोटा लंड है तेरा,और लंबा भी,मेरी चूत की धज्जियाँ उड़ा दी" सूरज लंड निकल कर दुबारा घुसाता है रेखा गर्म हो जाती है अब सूरज रेखा की चूत में तेज तेज धक्के पेलने लगता है ।
सूरज-"माँ 22 साल से आपकी चूत बंद रही है,आज ऐसा लग रहा है जैसे कुंवारी लड़की की सील टूटी हो,बहुत टाइट है तुम्हारी चूत माँ" सूरज तेज तेज धक्के मारता है । रेखा झड़ जाती है । 
सूरज-"माँ घोड़ी बनो"रेखा घोड़ी बन जाती है सूरज रेखा की चूत देखता है, लंड डालने से गुफा दिखाई देने लगती है । सूरज लंड डाल कर फिर से चौदने लगता है । काफी देर तक चोदने के बाद रेखा थक जाती है और फिर से लेट जाती है ।
सूरज रेखा की दोनों टाँगे कंधे पर रख कर चोदने लगता है ।
रेखा फिर से झड़ने लगती है लेकिन सूरज झड़ने का नाम नहीं ले रहा था ।
रेखा-"सूरज में दो बार झड़ गई तेरा पानी अभी तक नहीं निकला" 
सूरज-में भी झड़ने बाला हूँ माँ"सूरज तेज तेज धक्को के साथ झड़ जाता है, और लंबी लंबी सांसे लेता हुआ रेखा को सीने से लगा कर ऊपर ही लेट जाता है । रेखा भी सूरज को अपनी बाँहो में जकड़ लेती है । आधा घंटा लेटने के बाद सूरज का लंड सिकुड़ कर चूत से बाहर निकल आता है। रेखा सूरज को उठा कर बाथरूम में चली जाती है। सूरज भी बॉथरूम में जाकर नहाने लगता है ।
रेखा अपनी चूत को साफ़ कर लेती है ।
रेखा-",मुझे बहुत तेज पिसाब लगी है सूरज अब तू बाहर जा"
सूरज-"नहीं मेरे सामने मूतो,
रेखा-"मुझे शरम आएगी" 
सूरज-"अब कैसी शर्म माँ,"सूरज की चूत में जिव डाल देता है तभी रेखा मूतने लगती है । सूरज रेखा की पिसाब से अपना मुह धोने लगता है।
रेखा-"बेशरम है तू" दोनों लोग फ्रेस होकर निकल आते हैं ।
सूरज और रेखा रात में भी दो बार चुदाई करते हैं।
बीपी सिंह के चार दिन तक रोज़ाना सूरज दिन और में चुदाई करता था ।

एक महिने बाद इंडिया आने के बाद बीपी सिंह ने पूनम और तान्या की शादी बिजनेस मेन से कर दी। दोनों दीदी अच्छे घर में पहुँच गई जहाँ उनका हुकुम चलता है । कभी मुझे मोका मिलता तो दीदी मुझसे जरूर चुदवाती और अब वो दोनों अब प्रेग्नेंट हैं।
तनु दीदी तान्या दीदी की कंपनी संभालने लगी।
इस प्रकार चुदाई का सिलसिला चलता गया,कभी संध्या तो कभी रेखा । 

कहानी को पढ़ने और साथ देने के लिए सभी का आभार दोस्तों।

समाप्त
The end
Reply


Possibly Related Threads...
Thread Author Replies Views Last Post
Thumbs Up Sex Hindi Kahani गहरी चाल sexstories 89 72,059 04-15-2019, 09:31 PM
Last Post: girdhart
Lightbulb Bahu Ki Chudai बड़े घर की बहू sexstories 166 223,152 04-15-2019, 01:04 AM
Last Post: me2work4u
Thumbs Up Hindi Porn Story जवान रात की मदहोशियाँ sexstories 26 20,907 04-13-2019, 11:48 AM
Last Post: sexstories
mastram kahani प्यार - ( गम या खुशी ) sexstories 58 47,303 04-12-2019, 10:24 PM
Last Post: Munna Dixit
Star Desi Sex Kahani गदरायी मदमस्त जवानियाँ sexstories 47 27,968 04-12-2019, 11:45 AM
Last Post: sexstories
Exclamation Real Sex Story नौकरी के रंग माँ बेटी के संग sexstories 41 24,509 04-12-2019, 11:33 AM
Last Post: sexstories
Lightbulb bahan sex kahani दो भाई दो बहन sexstories 67 26,844 04-10-2019, 03:27 PM
Last Post: sexstories
Lightbulb Hindi Sex Kahaniya छोटी सी जान चूतो का तूफान sexstories 130 113,895 04-08-2019, 11:43 AM
Last Post: sexstories
Lightbulb mastram kahani राधा का राज sexstories 32 28,324 04-07-2019, 11:31 AM
Last Post: sexstories
Kamukta Story कामुक कलियों की प्यास sexstories 44 28,932 04-07-2019, 11:23 AM
Last Post: sexstories

Forum Jump:


Users browsing this thread:
This forum uses MyBB addons.

Online porn video at mobile phone


vasna storis tau gkissi heroin ka bur lund vagain chodati haiयोनी को होठ से छुनाSaheli and saheli bfxxxxxxxबच्चे के गूजने से दीदी ने दूध पिलाया काहानीhot sexi bhabhi ne devar kalbaye kapde aapne pure naga kiya videoxxxXxx new kahani 2019 teacher ko chodaXxxmoyeeBhenchod bur ka ras pioलिटा कर मेरे ऊपर चढ़ बैठीmeri bivi bani pron satr chay chodai ger mard sehot thoppul fantasise storiesRaj shrmaचुदाई कहानीmumaith khan xxx archives picsसोनारिका भदोरिया सेक्स कहानी हिंदी माwwwxxx bhipure moNi video com Bahan ne bhai ko janm din per diya apni big big boobs xxx sex video sahit sex kahani chaddi ma chudi pic khani katrinavarsham loo mom sex storyxxx indian kumbh snan ke baad chudaidesi nude forummere janm din ke din mere jethji ne codadara dhamka ke maine chut or gand dono maribhabhi ka chut choda sexbaba.net in hinditv actress bobita xxx lmages sexbababhuda choti ladki kho cbodne ka videoससुर का तगडा लंडLandkhor sex kahaniHadsa antarvasnawww sexbaba net Thread porn sex kahani E0 A4 AA E0 A4 BE E0 A4 AA E0 A5 80 E0 A4 AA E0 A4 B0 E0 A4 Bxxxbf sexy blooding AartiXXX noykrani film full hd downloadsavita bhabhi episode 97maa ki malish ahhhh uffffdidi ne bikini pahni incestभाईचोदsexy video bra panti MC Chalti Hui ladki chudaiMaa bete ke karname rajsharmaDiwyanka tripathi imgfy.nerभाई ने बोबो का नाप लियाwww dotcom xxx. nokrani ki. sex. HD. videomujbori mai chodwayasolva sawan roky chudaifudi tel malish sexbaba.netBf xxx desi hindi me cudaaaeantervasna. com.2013.sexbaba.Lund ko hath se maslte huwe nikalte huwe pani video sas aur unki do betaeo ek sath Hindi sex storySex video bade bade boobs Satave Ke Saath Mein Lund DalaKhole aam kai jhadai me dekho xxx videochut mei diye chanteमुत पीलाने की कहानियां"कंचन -बेटी बहन से बहू तक का सफ़र"aunty ki sari k aunder se jhankti hui chut ki video//mypamm.ru/printthread.php?tid=2921&page=5Mamma ko phasa k chuadaghand chaut land kaa shajigछोटि पतलि कमर बेटि चुदाईmaa bati ki gand chudai kahani sexybaba .netchudaikahanisexbabahoneymoon per nighty pahna avashyak h ya nhichut mai gajar dalna sex hinditv actress bobita xxx lmages sexbabaanjane me boobs dabaye kahanisab.sa.bada.land.lani.vali.grl.sex.vidरिकशा वाले से चुदाई की कहानीjavan bhabhi ki tadf sex vodeoMe meri famliy aur mera gaon pic incest storyEnglis teeno big fukingdesi sadi wali auorat ki codai video dawnloding frriXxxmoyeeandhe aadmi ki chudayi se pregdent ho gayi sex Hindi storysex bhabi chut aanty saree vidio finger yoni me vidioxnxxxxx.jiwan.sathe.com.ladake.ka.foto.pata.naam.bahenki laudi chootchudwa rundianushka sharma hot nude xossip sex babaववव तारक मेहता का उल्था चस्मा हिंदी सेक्स खनिअsouth sex photo sexbabaदीदी की फुद्दि के लिप्स खुले और पिशाब निकलने लगा वो बहुत हॉट सीन था. मैं दीदी की पिशाब करती फुद्दि को और दीदी मुझे देख रही थीं.south actress sexbabaसासरा सून sex marathi kathajanarn antio ki cudaiChut ka baja baj gaya